समंदर में दहशत! हूती विद्रोहियों के मिसाइल अटैक से फिर धधक उठा डच जहाज, मचा हड़कंप
Houthi Attack Dutch Ship: मिडिल ईस्ट में हूती विद्रोही लगातार हाहाकार मचा रहे हैं। आए दिन वे किसी न किसी जहाज को निशाना बना रहे हैं। ताज़ा मामले में सोमवार को यमन के तट के पास एक डच-झंडा लगे कार्गो...
- Written By: अमन उपाध्याय
हूती विद्रोहियों का जहाज पर मिसाइल अटैक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Houthi Attack Dutch Ship: मिडिल ईस्ट में हूती विद्रोही लगातार हाहाकार मचा रहे हैं। आए दिन वे किसी न किसी जहाज को निशाना बना रहे हैं। ताज़ा मामले में सोमवार को यमन के तट के पास एक डच-झंडा लगे कार्गो जहाज पर उन्होंने मिसाइल दाग दी। हमले के बाद जहाज में आग भड़क गई। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
फ्रांस के मरीन इन्फॉर्मेशन, कोऑपरेशन एंड अवेयरनेस सेंटर के मुताबिक, जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम ‘मिनर्वाग्राख्त’ है। यही जहाज पिछले हफ्ते भी हूती लड़ाकों के निशाने पर था, लेकिन तब उनका हमला नाकाम हो गया था। सोमवार को हुए मिसाइल हमले के बाद जहाज धधक उठा और तुरंत नजदीकी युद्धपोत को मदद के लिए भेजा गया।
बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की आशंका
स्थानीय यमनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूती नियंत्रित इलाके से बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की आशंका है। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर और निजी सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने भी इस हमले की पुष्टि की है। हालांकि हूती विद्रोहियों ने अभी तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। आमतौर पर वे हमलों की घोषणा कई घंटे या फिर कुछ दिनों बाद करते हैं।
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जहाज मालिक कंपनी खामोश
हमले का शिकार हुआ जहाज एम्स्टर्डम स्थित कंपनी Spliethoff का है। कंपनी की ओर से अब तक इस हमले पर कोई बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि हूती विद्रोहियों ने लगातार दूसरी बार इसी जहाज को क्यों निशाना बनाया।
गाजा युद्ध से जुड़ रहा मामला
विशेषज्ञों का कहना है कि हूती विद्रोही बीते कई महीनों से इजरायल और लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह कदम गाजा युद्ध में फिलिस्तीनियों के समर्थन के तौर पर उठाया जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी नौसेना के जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर ने यह साफ किया है कि मिनर्वाग्राख्त जहाज का किसी भी इजरायली कंपनी से कोई ताल्लुक नहीं है।
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वैश्विक व्यापार पर असर
पिछले दो सालों में हूती हमलों ने लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। युद्ध से पहले हर साल लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का माल इस रूट से गुजरता था, लेकिन लगातार हो रहे हमलों के कारण कई कंपनियां अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रही हैं।
