हूती विद्रोहियों लाल सागर में यूनानी तेल टैंकर को बनाया निशाना, हमले के बाद लगी आग

बुधवार को लाल सागर से गुजर रहे एक टैंकर पर सिलसिलेवार हमले किए गए, जिसके कारण वह अब नियंत्रण में नहीं है और अनियंत्रित होकर बह रहा है। ब्रिटिश सेना ने यह जानकारी दी। ब्रिटिश सेना ने संदेह जताया है कि यह हमला यमन के हूती विद्रोहियों ने किया है, जो पहले भी लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं।
हूती विद्रोहियों लाल सागर में यूनानी तेल टैंकर को बनाया निशाना
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

नई दिल्ली: बुधवार को लाल सागर से गुजर रहे एक टैंकर पर सिलसिलेवार हमले किए गए, जिसके कारण वह अब नियंत्रण में नहीं है और अनियंत्रित होकर बह रहा है। ब्रिटिश सेना ने यह जानकारी दी। ब्रिटिश सेना ने संदेह जताया है कि यह हमला यमन के हूती विद्रोहियों ने किया है, जो पहले भी लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं।

पिछले कुछ हफ्तों में लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में यह हमला सबसे गंभीर है। यह ऐसे समय किया गया है जब गाजा पट्टी में इजरायल-हमास युद्ध के बीच हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इस रास्ते से हर साल 1000 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान लाया-ले जाया जाता है।

ब्रिटिश सेना से संबद्ध ब्रिटिश समुद्री व्यापार संचालन केंद्र (यूकेएमटीओ) ने बताया कि छोटी-छोटी नौकाओं से आए हमलावरों ने यमन में विद्रोहियों के कब्जे वाले होदेइदिया बंदरगाह से करीब 140 किलोमीटर पश्चिम में जहाज को छोटे हथियारों से निशाना बनाया। उसने बताया कि जहाज पर चार रॉकेट भी दागे गए, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये मिसाइल से किए गए हमले हैं या ड्रोन से दागे गए रॉकेट। यूकेएमटीओ ने बताया, ‘‘पोत पर नियंत्रण नहीं रह गया है।'' हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बाद में, यूकेएमटीओ ने चेतावनी दी कि जहाज में आग लग गई।

साइप्रस जा रहा था जहाज

यूनान के जहाजरानी मंत्रालय ने बाद में हमले के शिकार जहाज की पहचान टैंकर सोयूनियन के रूप में की, जिसमें हमले के समय चालक दल के 25 सदस्य सवार थे और यह इराक से साइप्रस जा रहा था। बाद में बुधवार को यूकेएमटीओ ने बताया कि अदन की खाड़ी में एक दूसरे जहाज को भी निशाना बनाया गया। जहाज के करीब पानी में तीन विस्फोट हुए, हालांकि इनसे कोई क्षति नहीं हुई। हूती विद्रोहियों ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन पूर्व में भी वे ऐसे हमलों की जिम्मेदारी घटना के कई घंटे या कई दिन बाद लेते रहे हैं।

पिछले साल अक्टूबर में गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक हूती विद्रोहियों ने करीब 80 जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। उन्होंने एक जहाज पर कब्जा कर लिया, जबकि दो को डुबो दिया और इस दौरान चार नाविक मारे गए। विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने गाजा में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध को खत्म करने के लिए इजराइल, अमेरिका या ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया है। हालांकि, जिन जहाजों पर हमला किया गया उनमें से कई का संघर्ष से कोई संबंध नहीं है, जिनमें ईरान जाने वाले कुछ जहाज भी शामिल हैं।

-एजेंसी इनपुट के साथ

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com