Hormuz Strait: होर्मुज स्ट्रेट बंद, तेल संकट से परेशान दुनिया अब नए वैकल्पिक रास्तों की तलाश में
Hormuz Strait Blockade: होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया में बड़ा ऊर्जा संकट आ गया है। ईरान ने माइंस बिछाकर तेल सप्लाई रोकी है। अब सभी देश मिलकर नए और सुरक्षित रास्तों की तलाश तेजी से कर रहे हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
होर्मुज स्ट्रेट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Hormuz Strait Oil Route Crisis: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक के बंद होने से संकट खड़ा हो गया है। ईरान ने इस अहम मार्ग को पिछले लगभग दो महीनों से पूरी तरह से बंधक बना रखा है। यह वैश्विक होर्मुज स्ट्रेट तेल मार्ग संकट अब एक बहुत ही भयंकर रूप लेता जा रहा है। इस रास्ते से दुनिया के कुल तेल और गैस का लगभग पांचवां हिस्सा नियमित गुजरता है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की नेवी ने इस महत्वपूर्ण मार्ग में भयानक माइंस बिछा दिए हैं। इस वजह से यह पूरा शिपिंग मार्ग अब एक खतरनाक बारूद के ढेर में तब्दील हो गया है। अमेरिकी नेवी ने भी जवाब में ईरान जाने वाले कई व्यापारिक जहाजों पर कड़ी रोक लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा और भयानक सप्लाई शॉक बताया है।
नए रास्तों की तलाश
होर्मुज के पूरी तरह से बंद होने के कारण वैश्विक तेल बाजार बहुत बुरी तरह हिल गए हैं। दुनिया भर की तेल कंपनियां अब बहुत ही तेजी से नए रास्तों की तलाश में जुट गई हैं। वे ऐसे सुरक्षित रास्तों को खोज रही हैं जो इस खतरनाक जलमार्ग से होकर बिल्कुल न गुजरते हों।
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सऊदी अरब की पाइपलाइन
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन खाड़ी से लाल सागर तक बहुत ही अहम भूमिका निभाती है। यह 1200 किमी लंबी पाइपलाइन हर दिन 70 लाख बैरल तक कच्चा तेल आसानी से पहुंचा सकती है। हालांकि फिलहाल इसमें से असल में सिर्फ लगभग 45 लाख बैरल तेल ही सुरक्षित बाहर निकल पाता है।
हबशान और किरकुक मार्ग
हबशान-फुजैरा पाइपलाइन 350 किमी लंबा एक ऐसा शॉर्टकट है जो सीधे ओमान की खाड़ी जाता है। साल 2012 में शुरू हुई इस अबू धाबी पाइपलाइन की क्षमता लगभग 15 से 18 लाख बैरल प्रतिदिन है। वहीं किरकुक-सेहान पाइपलाइन अभी रोजाना लगभग 1.7 लाख बैरल तेल भूमध्य सागर भेज रही है।
पाइपलाइनों का विस्तार
किरकुक मार्ग से तेल की इस सप्लाई को 2.5 लाख बैरल तक पहुंचाने का पक्का वादा किया गया है। साल 2024 में जास्क टर्मिनल की टेस्टिंग हुई थी जिसकी कुल क्षमता भी 10 लाख बैरल बताई गई है। यह संभावित जीवनरेखा सीधे ओमान की खाड़ी पर स्थित इस नए जास्क टर्मिनल तक आसानी से पहुंचती है।
प्रस्तावित नए प्रोजेक्ट
इराक ने पिछले साल बसरा से ओमान की खाड़ी तक एक नई पाइपलाइन बनाने का विचार रखा था। इसके अलावा 10 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली इराक-जॉर्डन पाइपलाइन भी 2022 में मंजूर हुई थी। हालांकि लागत और सुरक्षा जैसी बड़ी बाधाओं के कारण 1980 के दशक का यह प्रोजेक्ट रुका हुआ है।
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नहर बनाने का विचार
स्वेज और पनामा नहर की तर्ज पर खाड़ी-ओमान सागर नहर बनाने का भी बड़ा विचार चल रहा है। यह खास नहर पूरी तरह से होर्मुज को बाईपास करने के लिए एक शानदार विकल्प साबित होगी। हालांकि पहाड़ों को काटकर बनाए जाने वाले इस अहम प्रोजेक्ट की लागत सैकड़ों अरबों डॉलर होगी।
