Hormuz Blockade: अमेरिकी नाकाबंदी के बाद भी सीक्रेट रास्तों के जरिए मुंबई पहुंच रहे हैं भारतीय जहाज
Hormuz Blockade News: होर्मुज नाकाबंदी के बीच 34 भारतीय जहाज ईरान से सुरक्षित मुंबई पहुंचे। ये टैंकर अमेरिकी नौसेना के रडार से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के बाहर यात्रा कर रहे हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
भारतीय जहाज (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Hormuz Blockade Indian Ships: अमेरिका ने होर्मुज़ में भारतीय जहाज़ों को रोकने के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव ने पूरी दुनिया के समुद्री व्यापार को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है। अमेरिका ने ईरान से आने वाले सभी व्यापारिक जहाजों को पूरी तरह से रोकने के लिए होर्मुज में अपनी नौसेना तैनात की है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय नाकाबंदी के बाद भी दर्जनों भारतीय जहाज इस बहुत बड़ी घेराबंदी को बेहद आसानी से चकमा दे रहे हैं। वे ईरान के तट से होते हुए बहुत ही सुरक्षित तरीके से अपना कच्चा तेल लेकर बिना किसी परेशानी के मुंबई पहुंच रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी इस नाकाबंदी को एक बहुत ही बड़ी और शानदार सफलता के रूप में सबके सामने बताया था। लेकिन असलियत यह है कि 13 अप्रैल के बाद से करीब 34 टैंकर इस भारी घेरेबंदी को बहुत ही सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं। कतर से 97,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर देश गरिमा जहाज भी ईरानी गोलाबारी से बचते हुए सुरक्षित भारत पहुंच गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार अभी भी लगभग 14 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में पूरी तरह सुरक्षित रूप से मौजूद हैं।
सीक्रेट रास्तों का उपयोग
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय जहाज एक ऐसे सीक्रेट रास्ते से आ रहे हैं जो अमेरिकी रडार से पूरी तरह बच निकलता है। ये सभी जहाज ईरान के क्षेत्रीय जल के एकदम पास चलते हैं और फिर सीधे पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं। अमेरिका किसी दूसरे देश की क्षेत्रीय जल सीमा में बिल्कुल दखल नहीं दे सकता है इसलिए ये जहाज सुरक्षित निकल जाते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Canada PR Plan: कनाडा के गांवों में काम कर रहे अस्थाई निवासियों के लिए परमानेंट रेजिडेंस हुआ आसान
Taliban Rule: तालिबान के महिलाओं पर प्रतिबंधों से 2030 तक अनपढ़ और बीमार हो जाएगा अफगानिस्तान
Qinzhou Heavy Rain: चीन के किनझोऊ में भारी बारिश से आई भयानक बाढ़, हजारों कारें जलमग्न
हिंदू होने की वजह से बची कारण बची काश पटेल की जान! हिट लिस्ट में नहीं था नाम, मैनीफेस्टो से खुला राज
ईरान से भारत के रास्ते
ईरान के खर्ग द्वीप से भारत आने के लिए मुख्य रूप से दो बड़े और बहुत ही महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों का इस्तेमाल होता है। पहला पाकिस्तानी तट का रास्ता है जो मकरान तट के साथ चलता है और इसमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र बिल्कुल भी नहीं आता है। दूसरा चाबहार बंदरगाह का रास्ता है जहां से मुड़कर जहाज सीधे दक्षिण की ओर भारतीय बंदरगाहों पर आसानी से पहुंच जाते हैं।
पाकिस्तानी पानी का इस्तेमाल
संयुक्त राष्ट्र कानून के तहत हर तटीय देश का अपने तट से 12 समुद्री मील यानी 22 किमी तक पूरा नियंत्रण हमेशा होता है। विदेशी व्यापारिक जहाजों को इन जल क्षेत्रों से होकर बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से गुजरने का एक सामान्य अधिकार मिला होता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय जहाजों के लिए पाकिस्तानी पानी से गुजरने में तकनीकी रूप से कोई भी बड़ा प्रतिबंध नहीं है।
यह भी पढ़ें: काम नहीं आई अमेरिका की दादागिरी…UN में Iran को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी, 121 देशों ने किया खुला समर्थन
नौसेना की अहम भूमिका
भारतीय नौसेना इस गहरे संकट के बीच एक बहुत ही शांत लेकिन बेहद अहम भूमिका देश के लिए मजबूती से लगातार निभा रही है। जब विदेश मंत्रालय बातचीत कर लेता है तो नौसेना जहाज को ओमान की खाड़ी में एक पूर्व-निर्धारित बिंदु पर सुरक्षित मिलती है। वहां से नौसेना की भारी सुरक्षा में ये सभी जहाज सीधे भारत के पश्चिमी तट की ओर बहुत ही सुरक्षित तरीके से बढ़ जाते हैं।
