नेपाल के नक्शे कदम पर फ्रांस...सड़कों उतरे लाखों लोग, खतरे में इमैनुएल मैक्रों का सिहांसन!

France Protest: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के विरोध में हिंसा और प्रधानमंत्री ओली का इस्तीफा हुआ, वहीं फ्रांस में 'ब्लॉक एवरीथिंग' आंदोलन के तहत पेरिस में भारी प्रदर्शन और सैकड़ों गिरफ्तारियां हुईं।
नेपाल के नक्शे कदम पर फ्रांस...सड़कों उतरे लाखों लोग, खतरे में इमैनुएल मैक्रों का सिहांसन!
फ्रांस में सरकार के खिलाफ विरोध तेज (फोटो- सोशल मीडिया)
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Block Everything Protests: नेपाल में हाल ही में सोशल मीडिया बैन को लेकर भयंकर बवाल हुआ और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। नेपाल में हिंसा की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि भारत के एक और मित्र देश फ्रांस में हिंसा भड़क उठी। यहां राजधानी पेरिस की सड़कों पर लाखों लोग सरकार के खिलाफ उतर आए हैं। सरकार ने स्थिती को संभालने के लिए 80,000 हजार से अधिक पुलिस बल को तैनात किया है।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह पेरिस और कई बड़े शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव हुआ है। हालांकि इसमें अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है। फ्रांस में सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ नाम दिया गया है। इसके तहत पूरे देश में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पुलिस ने अब तक सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है। अकेले पेरिस में 200 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

पूर्व प्रधानमंत्री के फैसले जनता नाराज

स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, जनता पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरो के एक हालिया फैसले से नाराज़ होकर सड़कों पर उतर आई है। बायरो ने देश के बजट घाटे को कम करने के उद्देश्य से £35 अरब (लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये) की कठोर कटौती योजना पेश की थी। हालांकि, इस फैसले को लेकर जनता में गहरी असंतोष की लहर दौड़ गई, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा और अंततः बायरो संसद में विश्वास मत हार गए। इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 24 घंटे पहले ही सेबास्टियन लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया। लेकिन जनता मैक्रों के इस निर्णय से भी संतुष्ट नहीं दिख रही है और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि, शहर के कई इलाकों में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने कचरे के डिब्बे और बैरिकेड्स लगाकर सड़कें जाम कर दी हैं। साथ ही मार्सिले और बोरदॉ जैसे शहर के प्रमुख चौराहों को प्रदर्शनकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। पेरिस में गारे दू नॉर जैसे अहम रेलवे स्टेशन पर भी प्रदर्शनकारियों ने धावा बोल दिया। पुलिस पर फ्लेयर्स और बोतलें फेंकी गईं। पुलिस ने आशंका जताई है कि जैसे-जैसे दिन चड़ेगा हिंसा का घटनाओं में इजाफों हो सकता है।

80,000 पुलिस वालों ने संभाला मोर्चा

सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए 80,000 पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया है। प्रदर्शनकारी सिर्फ रेल और सड़कों को ही बाधित नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने तेल डिपो, सुपरमार्केट और पेट्रोल पंपों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर कुछ समूहों द्वारा दुकानों में लूट की अपील किए जाने से हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं।

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