यूरोप में मौत बनकर बरसी गर्मी! फ्रांस में 1000 से अधिक लोगों की मौत, दशकों के रिकॉर्ड टूटे
France Heatwave: यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस में पिछले एक सप्ताह में गर्मी के कारण लगभग 1000 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि कई देशों में तापमान के ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूट गए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
फ्रांस में गर्मी का कहर, सांकेतिक एआई फोटो
France Heatwave Latest News In Hindi: पूरा यूरोप इस समय भीषण गर्मी और लू की अभूतपूर्व लहर से जूझ रहा है। फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने रविवार को चौंकाने वाले आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पिछले एक सप्ताह में गर्मी के कारण देश में लगभग 1,000 से अधिक मौतें हुई हैं। विशेषज्ञों ने इस स्थिति को जलवायु परिवर्तन का सीधा परिणाम बताया है और चेतावनी दी है कि यूरोप अब दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है।
फ्रांस में मौतों का भयावह आंकड़ा
फ्रांस में पिछले हफ्ते तापमान ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अकेले बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को मौतों की संख्या में भारी उछाल देखा गया। सामान्य दिनों में फ्रांस में प्रतिदिन मौतों का औसत 900 से 1,000 के बीच रहता है, लेकिन गर्मी के चरम पर यह आंकड़ा प्रति दिन 1,400 को पार कर गया।
एजेंसी ने पुष्टि की है कि इन तीन दिनों में कम से कम 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मरने वालों में 85 प्रतिशत लोग 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे।
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दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होता महाद्वीप
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यूरोप वैश्विक औसत से दोगुनी गति से गर्म हो रहा है। वर्तमान में लगभग 15 करोड़ लोग अत्यधिक गर्मी की स्थिति में रह रहे हैं, जिससे स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं और बिजली ग्रिड ठप हो रहे हैं। टेड्रोस ने गर्मी को एक ‘साइलेंट किलर’ करार दिया और यूरोपीय देशों से तत्काल कार्य योजना लागू करने की अपील की है।
गर्मी के बन रहे हैं नए रिकार्ड
गर्मी की यह लहर अब धीरे-धीरे पूर्वी यूरोप की ओर बढ़ रही है। जर्मनी में लगातार तीसरे दिन तापमान का नया रिकॉर्ड बना, जहां नेइस्सेमुंडे में पारा 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। चेक गणराज्य ने भी अपना अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया, जहां तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पोलैंड में भी 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ नया सर्वकालिक उच्च स्तर देखा गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के बिना इस तरह की भीषण गर्मी और उमस संभव नहीं थी।
जर्मनी के जंगलों में भीषण आग
गर्मी का कहर इतना है कि जर्मनी के जंगलों में भीषण आग लग गई है। चिंता की बात यह है कि पूर्वी जर्मनी के कुछ वन क्षेत्र दूसरे विश्व युद्ध के अनफटे गोला-बारूद से भरे हुए हैं, जिससे दमकलकर्मियों को अभियान चलाने में भारी कठिनाई हो रही है। स्वीडन में एक थीम पार्क में बिजली गिरने से कई लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला की स्थिति गंभीर है।
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इसके अलावा, गर्मी के कारण कई राजमार्गों की कंक्रीट की सतहें उखड़ गई हैं और रेल पटरियां पिघलने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जर्मनी की राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर ड्यूश बाहन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। बर्लिन में स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस को प्रतिष्ठित ब्रैंडेनबर्ग गेट के सामने भीड़ को ठंडा करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा।
