UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए फ्रांस ने उठाई आवाज; G4 देशों के लिए भी की बड़ी मांग
France Backs India UNSC Permanent: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए फ्रांस ने ऐतिहासिक और 'अटूट' समर्थन दिया है। फ्रांस ने G4 देशों लिए भी स्थायी सीट की वकालत की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों, फोटो (सो सोशल मीडिया)
France Backs India UNSC Permanent Seat: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बड़े सुधारों और भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर वैश्विक स्तर पर समर्थन एक बार फिर चर्चा में है। भारत के पुराने और भरोसेमंद मित्र देश फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के पक्ष में अपनी आवाज पुरजोर तरीके से बुलंद की है। फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र को भेजे एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया है कि सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार के लिए उसका समर्थन निरंतर जारी है।
फ्रांस का ‘अटूट’ समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को हाल ही में भेजे गए एक पत्र में सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा परिषद में बड़े सुधार के लिए फ्रांस का संकल्प ‘ऐतिहासिक, स्पष्ट और अटूट’ है।
फ्रांस ने न केवल भारत बल्कि G4 समूह के अन्य देशों जर्मनी, ब्राजील और जापान के लिए भी स्थायी सदस्यता पाने की कोशिशों के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया है।
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अफ्रीका के साथ हुए ‘ऐतिहासिक अन्याय’ को दूर करने की मांग
फ्रांसीसी प्रतिनिधि जेरोम बोनाफॉन्ट ने सुरक्षा परिषद में विस्तार की मांग को प्रमुखता से रखते हुए अफ्रीका महाद्वीप के प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि वे अफ्रीका के लिए दो स्थायी सीटें बनाने का समर्थन जारी रखते हैं ताकि उस महाद्वीप के साथ हुए ‘ऐतिहासिक अन्याय’ को दूर करने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
फ्रांस का मानना है कि वैश्विक मंच पर अफ्रीका की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा परिषद की सीटों को बढ़ाकर 25 करने का प्रस्ताव
फ्रांस ने सुरक्षा परिषद की सीटों की कुल संख्या को मौजूदा 15 से बढ़ाकर 25 तक करने की मांग की है। फ्रांस के अनुसार, इस विस्तार से प्रतिनिधित्व और परिषद की प्रभावशीलता के बीच एक सही संतुलन बना रहेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत, सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य (फ्रांस, अमेरिका, चीन, रूस और ब्रिटेन) हैं, जबकि 10 अन्य सदस्यों को रोटेशन के आधार पर दो-दो साल की अवधि के लिए चुना जाता है।
स्लोवाकिया ने भी किया भारत का पुरजोर समर्थन
भारत की स्थायी सदस्यता के दावे को केवल फ्रांस ही नहीं, बल्कि यूरोपीय देश स्लोवाकिया का भी साथ मिला है। इसी सप्ताह की शुरुआत में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान इसकी आधिकारिक घोषणा की थी।
रॉबर्ट फिको ने कहा कि भारत जैसे देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के हकदार हैं और स्लोवाकिया सरकार संयुक्त राष्ट्र में सुधार की इस प्रक्रिया का मजबूती से समर्थन करती है।
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वैश्विक कूटनीति में भारत का बढ़ता प्रभाव
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में शक्तियों का संतुलन बदल रहा है। फ्रांस और स्लोवाकिया जैसे देशों द्वारा भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करना यह दर्शाता है कि भारत की वैश्विक भूमिका अब अपरिहार्य हो गई है।
यद्यपि सुरक्षा परिषद में सुधार की राह में कई चुनौतियां हैं, लेकिन प्रमुख वैश्विक शक्तियों का यह समर्थन भारत के दावे को अंतरराष्ट्रीय पटल पर और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
