डोनाल्ड ट्रंप, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और रैंडी जॉर्ज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Fired Top Officials: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही अमेरिकी रक्षा और सुरक्षा तंत्र में एक अभूतपूर्व फेरबदल देखने को मिल रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन औसतन हर महीने में सेना या खुफिया एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी को पद से हटा रहा है। सरकार इस कदम को एक ‘भरोसेमंद टीम’ बनाने की कवायद बता रही है लेकिन विपक्षी दल और सुरक्षा विशेषज्ञ इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मान रहे हैं।
इस प्रशासनिक फेरबदल की गाज सेना के सबसे ऊंचे पदों पर बैठे जनरलों और सचिवों पर गिर रही है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हाल ही में आर्मी के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया। इसके अलावा, अगस्त 2025 तक ही 12 बड़े सैन्य अधिकारियों की छुट्टी की जा चुकी थी। हटाए गए अधिकारियों की सूची में जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल चार्ल्स CQ ब्राउन जूनियर, NSA और साइबर कमांड प्रमुख जनरल टिम हॉग, नेवी ऑपरेशंस प्रमुख एडमिरल लिसा फ्रांचेटी और कोस्ट गार्ड प्रमुख एडमिरल लिंडा फेगन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
इतना ही नहीं, एयर फोर्स के वाइस चीफ जनरल जेम्स स्लाइफ और नेवल स्पेशल वॉरफेयर कमांड के प्रमुख जेमी सैंड्स को भी पद छोड़ना पड़ा है। खुफिया तंत्र में भी भारी बदलाव हुए हैं जहां डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल जेफ्री क्रूज को ‘विश्वास की कमी’ का हवाला देते हुए हटाया गया।
Trump प्रशासन की इस कार्रवाई के पीछे की एक मुख्य वजह ‘वोक’ विचारधारा और DEI (Diversity, Equity, Inclusion) नीतियों का कड़ा विरोध माना जा रहा है। रक्षा मंत्री हेगसेथ का मानना है कि सेना में केवल वे ही लोग होने चाहिए जिन पर प्रशासन पूरी तरह से भरोसा कर सके और जो उनकी विचारधारा के अनुरूप हों।
DEI नीतियों का उद्देश्य सेना में विविधता बढ़ाना और महिलाओं व अल्पसंख्यकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है लेकिन वर्तमान सरकार इसे सेना की दक्षता के लिए बाधा मानती है। ट्रंप सरकार का स्पष्ट तर्क है कि एक राष्ट्रपति को अपनी पसंद की टीम चुनने और बदलने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है।
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सेना और सुरक्षा तंत्र को अपनी सोच के हिसाब से बदलने की इस कोशिश पर अब सवाल उठने लगे हैं। सीनेटर मार्क वार्नर जैसे विपक्षी नेताओं का कहना है कि बार-बार शीर्ष अधिकारियों को हटाना बेहद खतरनाक है। जानकारों के मुताबिक इससे न केवल सुरक्षा तंत्र में अस्थिरता पैदा होती है बल्कि महत्वपूर्ण अभियानों और रणनीतिक फैसलों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आने वाले समय में FBI डायरेक्टर काश पटेल और आर्मी सेक्रेटरी डैनियल ड्रिस्कॉल जैसे कई अन्य बड़े नामों पर भी पद छोड़ने की तलवार लटक रही है।