ईरान में वेनेजुएला जैसे ऑपरेशन की जरूरत…पूर्व प्रिंस ने की खामेनेई शासन को लेकर बड़ी भविष्यवाणी
Iran Protests: ईरान के पूर्व राजकुमार रजा पहलवी ने देश में जारी विरोध प्रदर्शनों को इस्लामिक शासन के अंत का स्वर्णिम अवसर बताया, और कहा कि ईरानी जनता खुद बदलाव ला सकती है, बिना बाहरी हस्तक्षेप के।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Reza Pahlavi on Iran Protests: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस (युवराज) रजा पहलवी ने हाल ही में ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामिक शासन के अंत के लिए एक स्वर्णिम अवसर बताया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में रजा पहलवी ने कहा कि ईरान की मौजूदा धार्मिक और तानाशाही व्यवस्था को समाप्त करने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
उनका मानना है कि ईरानी जनता खुद इस बदलाव को ला सकती है क्योंकि यह शासन अब अपने सबसे कमजोर दौर में है। रजा पहलवी लंबे समय से लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ईरान की वकालत करते रहे हैं, ने हाल के प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी ईरानी जनता के साथ खड़े होने की अपील की। उनका कहना है, “यह कोई बाहरी हस्तक्षेप का मामला नहीं है। यह शासन खुद बिखर रहा है।”
इस्लामिक शासन के पतन का सही मौका
रजा पहलवी ने इस बात पर जोर दिया कि इस बार स्थिति पहले के विरोध प्रदर्शनों से अलग है। उन्होंने कहा, “इस बार ईरान में इस्लामिक शासन के पतन का वास्तविक मौका है। कई स्तरों पर स्थितियां ऐसी बन गई हैं कि इस शासन का गिरना संभव दिख रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ते जनआक्रोश, आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय दबाव, और शासन की गिरती साख, सभी मिलकर इस्लामिक शासन के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रहे हैं।
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रजा पहलवी के मुकाबिक, अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो देश की राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता को संभालना होगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही दमनकारी नीतियों और विभाजन के घावों को भरने की आवश्यकता होगी। उनका मानना है कि ईरान का भविष्य ईरानी जनता को खुद तय करना चाहिए।
2025 के अंत में शुरू हुए प्रदर्शन
ईरान में 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब 2026 में भी जारी हैं। आर्थिक संकट और ईरानी मुद्रा रियाल में डॉलर के मुकाबले भारी गिरावट के कारण लाखों लोग इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर हैं। कई शहरों में प्रदर्शनकारी ‘जाविद शाह’ (शाह अमर रहे) के नारे लगा रहे हैं, जो पहलवी राजवंश की वापसी का संकेत है। सुरक्षा बलों की सख्ती के बावजूद प्रदर्शन बढ़ रहे हैं, और कुछ स्थानों पर हिंसक झड़पें भी हुई हैं।
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रजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा शाह पहलवी के सबसे बड़े बेटे हैं। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद उनके पिता की सत्ता समाप्त हो गई और शाही परिवार को निर्वासित होना पड़ा। तब से वह अमेरिका में रह रहे हैं और वहां से ईरान के वर्तमान इस्लामिक शासन के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। रजा पहलवी खुद को ईरान के भविष्य के लिए लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं।
