सब झूठ है! ट्रंप के ‘प्रोडक्टिव टॉक’ के दावे पर भड़का ईरान, इजरायली बमबारी के बीच क्या वाकई थमेगी जंग?
US Iran War: इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समय-सीमा बढ़ा दी है। ट्रंप ने शांति की उम्मीद जताई है जबकि तेहरान पर बमबारी जारी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Hormuz Strait Crisis: पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा संघर्ष अब एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बीच जारी भारी गोलाबारी और बमबारी के बावजूद इस जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, जमीन पर हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। मंगलवार को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान की राजधानी तेहरान पर बम गिराए जबकि ट्रंप ने पहले दावा किया था कि वे ईरान पर हमला नहीं करेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य और 5 दिन की मोहलत
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए ईरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की समय-सीमा बढ़ा दी है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने से पहले अगले 5 दिनों तक इंतजार करेगा। इस देरी का उद्देश्य अमेरिकी दूतों को एक ‘सम्मानित’ ईरानी नेता के साथ बातचीत करने का अवसर देना है। ट्रंप की इस घोषणा का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है; तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया और सोमवार को वित्तीय बाजारों में कुछ राहत की लहर देखी गई।
बातचीत पर विरोधाभास
जंग को रोकने के दावों के बीच अमेरिका और ईरान के बयानों में भारी विरोधाभास नजर आ रहा है। ट्रंप का दावा है कि उनकी सरकार तेहरान के साथ ‘उत्पादक बातचीत’ कर रही है जिससे युद्ध समाप्त होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसके विपरीत, ईरान ने स्पष्ट रूप से अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं वे मेज पर नहीं आएंगे। ईरान के सांसदों ने भी ट्रंप के बयानों पर सतर्क रहने की चेतावनी दी है और उन्हें ‘झूठा’ करार दिया है।
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बढ़ता मौत का आंकड़ा और विस्थापन
28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने अब तक हजारों लोगों की जान ले ली है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, ईरान में अब तक 1500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लेबनान में यह संख्या 1000 के पार पहुंच गई है। इस संघर्ष में इजरायल के 15 और अमेरिका के 13 सैनिकों की जान जाने की भी पुष्टि हुई है। मौतों के अलावा, लेबनान और ईरान में लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर हो गए हैं।
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भविष्य की अनिश्चितता
फिलहाल युद्ध थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि इजरायल ने मंगलवार को फिर से ईरानी मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की है। यह मंगलवार आधी रात से अब तक की छठी चेतावनी है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस, तुर्की, पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के अपने समकक्षों से संपर्क साध रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाया जा सके। ट्रंप की शांति की उम्मीद और धरातल पर जारी विध्वंसक हमलों के बीच दुनिया की नजरें अब अगले 5 दिनों पर टिकी हैं।
