ट्रंप की ईरान को अंतिम चेतावनी: बातचीत का समय खत्म, अब सिर्फ नेतृत्व विनाश तक चलेगा युद्ध
Destruction Of Leadership: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी समझौते से इनकार करते हुए कहा है कि युद्ध तभी रुकेगा जब वहां का नेतृत्व और सेना पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump Warning No Negotiations With Iran Leadership: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर आ गया है जहां कूटनीति और समझौते की कोई जगह नहीं बची है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान के साथ अब किसी भी तरह की बातचीत करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। उनका मानना है कि जब तक ईरान का वर्तमान नेतृत्व और उसकी सेना अस्तित्व में है, तब तक इस युद्ध का अंत संभव नहीं है। इस कड़े बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है क्योंकि अब युद्ध के और भी विनाशकारी चरण में प्रवेश करने की आशंका है।
ट्रंप का कड़ा रुख और एयरफोर्स वन से संदेश
ट्रंप ने एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अब समझौते की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने साफ किया कि ईरान की सेना का खात्मा ही इस जंग का एकमात्र समाधान है क्योंकि बातचीत का वक्त अब बीत चुका है। ट्रंप का मानना है कि हवाई हमलों के बाद शायद ही कोई ऐसा नेता बचे जो हार मानकर सरेंडर करने के लिए सामने आए।
पेजेशकियान की माफी और सरेंडर से इनकार
दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी देशों से अपनी सैन्य कार्रवाई के कारण हुए नुकसान के लिए माफी मांगी है। उन्होंने इन देशों से अपील की है कि वे अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करने की गलती न करें। हालांकि उन्होंने ट्रंप की बिना शर्त सरेंडर वाली मांग को सपना बताते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है और अपना रुख कड़ा रखा है।
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ईरानी नेतृत्व में एकता और जवाबी चेतावनी
ईरान के भीतर भी इस मुद्दे पर काफी राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है जिसे शांत करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय को स्पष्टीकरण देना पड़ा। सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने दावा किया कि ईरानी नेतृत्व के बीच इस युद्ध को लेकर किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने सरकारी टीवी पर चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सैन्य अड्डों से हमला हुआ तो ईरान उसका बहुत ही कड़ा जवाब देने को तैयार है।
सऊदी अरब की चेतावनी और ड्रोन हमले
खाड़ी देशों में भी अब तनाव चरम पर है क्योंकि सऊदी अरब ने ईरान को जवाबी सैन्य कार्रवाई की सीधी और सख्त चेतावनी दी है। सऊदी, कुवैत और यूएई ने बताया कि उनके क्षेत्रों में ईरान ने ड्रोन हमले किए हैं जिनसे शांति भंग होने का खतरा बढ़ गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है जिससे इस क्षेत्र में तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई दे रही है।
वैश्विक प्रभाव और बढ़ती मानवीय क्षति
इस युद्ध का असर अब यूरोप तक पहुंच गया है जहां ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के पास एक रहस्यमयी धमाका दर्ज किया गया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत के मुताबिक इस भीषण जंग में अब तक 1332 निर्दोष ईरानी नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं इजरायल में ईरानी हमलों से 10 लोगों की मौत हुई है और 6 अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर भी अमेरिका वापस लाए गए हैं।
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नेतन्याहू के लिए माफी की मांग
ट्रंप ने इजरायल को सलाह दी है कि राष्ट्रपति हर्जोग को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के मामलों में तुरंत माफी दे देनी चाहिए। उनका मानना है कि माफी मिलने के बाद नेतन्याहू बिना किसी कानूनी बाधा के ईरान के खिलाफ चल रही इस जंग पर पूरा ध्यान दे सकेंगे। हालांकि इजरायली अधिकारियों ने ट्रंप के इस सुझाव को फिलहाल खारिज कर दिया है क्योंकि नेतन्याहू 2020 से ही कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
