इस्लाम…शैतानी शक्ति जैसा, सिडनी हमले पर छलके ट्रंप के आंसू, यहूदी कार्यक्रम में जमकर साधा निशाना
Bondi Beach Shooting: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने सिडनी के यहूदी विरोधी आतंकवादी हमले पर शोक व्यक्त किया, 15 मौतें, 25 घायल और कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
- Written By: अक्षय साहू
ट्रंप ने सिडनी हमले की आलोचना की (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump on Australia Terror Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में हनुक्का समारोह की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए आतंकवादी हमले पर शोक व्यक्त किया। इस हमले में 15 लोग मारे गए और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ट्रंप ने इसे ‘भयानक और यहूदी-विरोधी आतंकवाद’ बताया और कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के सभी देशों से एकजुट होने की अपील की।
ट्रंप ने मारे गए लोगों का परिवार के प्रति संवेदना वयक्त करते हुए कहा कि अमेरिका शोक में ऑस्ट्रेलिया के साथ खड़ा है और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है। इस हमले का शिकार सिडनी के बोंडी बीच इलाके में यहूदी समुदाय के लोग हुए। ट्रंप ने हनुक्का समारोह में स्पष्ट रूप से ‘कट्टर इस्लामी आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि वह हमेशा यहूदी लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
इस्लामिक स्टेट से हमले का संबंध
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि जांच में यह संकेत मिले हैं कि हमले का संबंध इस्लामिक स्टेट (IS) से हो सकता है। जांच में जब्त वाहन से IS का झंडा मिला, जिससे यह आकलन किया गया। हमले के आरोपी पिता और बेटा हैं। 50 वर्षीय पिता साजिद अकरम को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उनका 24 वर्षीय बेटा, जिसे मीडिया ने नवीद अकरम बताया अस्पताल में भर्ती था। न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर मल लैनन ने बताया कि आरोपी बेटा कोमा से बाहर आ गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर आरोप तय करने की तैयारी कर रही है।
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गन कानून और सख्त बनाने की योजना
इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में गन कानूनों को और सख्त बनाने की योजना बनाई जा रही है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कई राज्य सरकारों ने देश में पहले से मौजूद कड़े गन नियमों को और मजबूत करने का ऐलान किया। यह बदलाव 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद किए गए सुधारों के बाद सबसे बड़े सुधार माने जा रहे हैं। उन नियमों के बाद ऑस्ट्रेलिया में सामूहिक गोलीबारी की घटनाएं बहुत कम हो गई थीं।
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इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया और दुनिया को आतंकवाद के खतरे की याद दिलाई है। ट्रंप और ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व ने मिलकर दुनिया से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति और समर्थन भी जताया। यह हमला हमें याद दिलाता है कि नफरत और कट्टरपंथ कहीं भी और किसी के खिलाफ भी हमला कर सकता है।
