अमेरिका में बनेगी पहली Space Academy, ट्रंप ने दिए निर्देश, चांद और मंगल मिशन के लिए तैयार होंगे प्रोफेशनल्स

US Space Academy: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में पहली स्पेस एकेडमी स्थापित करने का आदेश दिया है, जो भविष्य में चांद और मंगल अभियानों के लिए नए कुशल अंतरिक्ष प्रोफेशनल्स तैयार करेगी।
First Elite US Space Academy
US स्पेस अकादमी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(सोर्स- AI)
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First Elite US Space Academy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में पहली स्पेस एकेडमी स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस नई एकेडमी का उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए कुशल अंतरिक्ष प्रोफेशनल्स, इंजीनियर्स, सर्विस मेंबर्स और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करना होगा। चांद पर मानव मिशन, संभावित मून बेस और मंगल ग्रह तक पहुंचने की अमेरिका की महत्वाकांक्षी योजनाओं को देखते हुए इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की पहली यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस एकेडमी को डिजाइन करने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने का आदेश दिया है। नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए नई पीढ़ी के कुशल और प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष अभियानों का दायरा लगातार बढ़ेगा और इसके लिए विशेषज्ञ मानव संसाधन की जरूरत होगी।

120 दिनों में तैयार होगा एकेडमी का ब्लूप्रिंट

राष्ट्रपति के निर्देश के तहत स्पेस एकेडमी की स्थापना के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग बनाया जाएगा। इस आयोग को एकेडमी के प्रशासनिक ढांचे, पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया, प्रशिक्षण प्रणाली और स्थायी स्थान सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर योजना तैयार करनी होगी।

बताया गया है कि आयोग को इस पूरी योजना का ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए 120 दिनों का समय दिया गया है। नई स्पेस एकेडमी में छात्रों को केवल तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और मिशन आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इस संस्थान को अमेरिका की प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण अकादमियों के स्तर पर विकसित करने की योजना है। इसे वेस्ट पॉइंट और अमेरिकी एयर फोर्स एकेडमी की तर्ज पर एक उच्चस्तरीय संस्थान के रूप में तैयार किया जा सकता है।

नासा की देखरेख में तैयार होंगे भविष्य के स्पेस एक्सपर्ट्स

नई स्पेस एकेडमी नासा की सीधी देखरेख में काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में ऐसे विशेषज्ञ तैयार करना होगा, जो भविष्य के जटिल मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

एकेडमी में संभावित रूप से अंतरिक्ष इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, उन्नत तकनीक, अंतरिक्ष संचालन, मिशन मैनेजमेंट और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव मौजूदगी और भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन से जुड़ी जरूरतों को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जा सकता है।

नासा के प्रशासक जेरेड आइजैकमैन को इस विशेष आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि नासा के उप प्रशासक मैट एंडरसन को कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।

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भारतीय मूल के कर्नल अनिल मेनन की सराहना

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने जॉनसन स्पेस सेंटर से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री और स्पेस फोर्स के कर्नल अनिल मेनन सहित अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के योगदान की सराहना की।

कर्नल मेनन ने स्पेस एकेडमी की योजना को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि अंतरिक्ष के विशाल क्षेत्र में देश की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने माना कि इस तरह की पहल अमेरिका के भविष्य के चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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Artemis-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मान

समारोह के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने आर्टेमिस-2 मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्रियों को भी सम्मानित किया। इनमें नासा के रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।

आर्टेमिस कार्यक्रम को अमेरिका के चंद्रमा मिशन की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है। इसका उद्देश्य चंद्रमा पर मानव मिशनों को आगे बढ़ाना और भविष्य में मंगल ग्रह तक मानव यात्रा की तैयारी करना है।

अमेरिका की पहली स्पेस एकेडमी की योजना को इसी व्यापक अंतरिक्ष रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान अमेरिका के लिए नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अंतरिक्ष विशेषज्ञों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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