
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि भोटे कोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद से 290 भारतीय लापता हैं। इस बाढ़ ने हिमालयी देश में तबाही मचा दी है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि रसुवा जिले में त्रिशुली-वन परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय श्रमिक भी प्रभावित हुए हैं, जिनमें तमिलनाडु के 21 भारतीय शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे।
नेपाल में आई जबरदस्त बाढ़ के कारण, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने 28 और 29 अगस्त को होने वाली दिल्ली-काठमांडू बस सेवा को कुछ समय के लिए रोक दिया है।
नेपाल पुलिस ने पुष्टि की है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण आई भयानक अचानक बाढ़ और मलबे के भारी बहाव से मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हो गई है।
पड़ोसी देश नेपाल में आई भयानक बाढ़ से कम से कम 177 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोग लापता हैं। इसके बाद, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और नेपाल से बहकर आने वाली गंडक और दूसरी नदियों पर निगरानी बढ़ा दी है।
नेपाल में बाढ़ के हालात के बाद, पश्चिम चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बैराज का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। अभी नदी का जलस्तर 99,800 क्यूसेक है, जिसे सामान्य माना जाता है। नेपाल में बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारी हालात पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
#WATCH | Valmiki Nagar, Bihar: Following the flood situation in Nepal, the water level of the Gandak Barrage on the India-Nepal border in West Champaran district continues to fluctuate. The river level currently stands at 99,800 cusecs, considered normal. Authorities are closely… pic.twitter.com/TTQ15xpoCT
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल के नुवाकोट में विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के बाद नुवाकोट जिले में भारी तबाही की खबर है। तुपचे समेत नदी के किनारे बसे इलाके और व्यापारिक केंद्र पूरी तरह से कीचड़ और पत्थरों की मोटी परतों के नीचे दब गए हैं।
#WATCH | Nuwakot, Nepal: Severe destruction reported in Nuwakot district following catastrophic flash floods.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
Riverside settlements and commercial hubs, including Tupche, are completely buried under thick sheets of mud and rock.
(Source: Reuters) pic.twitter.com/thWMChpd9h
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। नेपाल त्रासदी में अब तक 469 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अब तक लापता है।
नेपाल के नुवाकोट में हेलीकॉप्टर की मदद से तेजी से बचाव कार्य किए जा रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित जगहों पर लाया जा रहा है। बचाव दल के सदस्यों को भी हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है।
#WATCH | Nuwakot, Nepal: Rescue operations are being carried out at a rapid pace using helicopters. People affected by the floods are being brought to safe places from the affected areas.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
Rescue team members are also being sent by helicopter to the flood-affected areas. pic.twitter.com/hggCaCkJyu
तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद चीन ने लेवल-IV का अलर्ट जारी किया है। चीन ने चेतावनी दी है कि दो नदियों के संगम पर बनी नई झील के टूटने और उससे निचले इलाकों में बाढ़ आने का खतरा बहुत ज्यादा है।
नेपाल बाढ़ में प्रभावित इलाकों से बचाए गए तमिलनाडु के 21 लोग काठमांडू पहुंच गए हैं। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने उनका हाल-चाल जाना। वे जल्द ही भारत लौटेंगे।
Kathmandu, Nepal: 21 Tamil Nadu residents rescued from flood-affected areas have reached Kathmandu. Indian Ambassador to Nepal, Naveen Srivastava, enquired about their well-being. They will return to India shortly.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
(Source: MEA) pic.twitter.com/gdPMcRYUWX
काठमांडू में नेपाल में भयानक अचानक आई बाढ़ के बाद लापता लोगों के रिश्तेदार त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में अपने अपनों को ढूंढ रहे हैं, जबकि बचाव और पहचान का काम जारी है। परिवार वाले अस्पतालों में जमा होकर बचे हुए लोगों और मृतकों की लिस्ट देख रहे हैं और उन लोगों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं जिनका अभी तक कोई पता नहीं चला है।
VIDEO | Kathmandu: Relatives of people missing after devastating flash floods in Nepal anxiously search for their loved ones at Tribhuvan University Teaching Hospital as rescue and identification efforts continue. Families have gathered at hospitals to check lists of survivors… pic.twitter.com/meBAdnQasB
— Press Trust of India (@PTI_News) August 28, 2026
सुबह चीन के सिचुआन में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया, इससे तिब्बत में एक और डैम फट गया है। इससे नेपाल में फिर से बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है।
नेपाल के फ्लैश फ्लड प्रभावित त्रिशूली इलाके में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। खतरे को देखते हुए क्षेत्र से लोगों को दोबारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और सभी JCB मशीनों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है।
#WATCH | Nepal: Drone visuals from the flash flood-affected Trishuli area. The area is being evacuated again amid the threat of another flood. Road construction work has been temporarily halted, with all JCB machines recalled and moved to safe locations. pic.twitter.com/afgFtlTi6u
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 117 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, इनमें 85 भारतीय, 16 चीनी और 9 दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल हैं। अमेरिका और इटली के दो-दो पर्यटक भी रेस्क्यू किए गए हैं, जबकि तीन की पहचान नहीं हो सकी है।
नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में फ्लैश फ्लड के बाद हालात में धीरे-धीरे सुधार की जानकारी सामने आई है। पूर्व वित्त मंत्री बरशामान पुन ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सूचना जारी की है। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम जारी है, जबकि बिजली और फोन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। भारत से राहत सामग्री की दो खेप नेपाल पहुंच चुकी हैं। पुन ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग के लिए आभार जताया और सतर्कता के साथ राहत कार्य जारी रखने की बात कही।
#WATCH | Trishuli, Nepal | On Nepal flash flood, former Nepal Finance Minister Barshaman Pun says, “The local administration has just issued a notification regarding the rising floodwater… Restoration work is currently underway for the damaged roads. Electrical and phone calls… pic.twitter.com/Lha7yY9b45
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, हादसे में अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है, जबकि लापता लोगों की तलाश भी की जा रही है।
Nepal flash flood death toll rises to 538, as per Nepal's National Disaster Risk Reduction and Management Authority. pic.twitter.com/2KaT27VfQ2
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल में फ्लैश फ्लड से सुरक्षित निकाले गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मुलाकात की। उन्होंने रेस्क्यू किए गए यात्रियों का स्वागत किया और आपदा के दौरान उनके अनुभव जानने की बात कही। जयशंकर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की।
#WATCH | Nepal flash flood | "Moving to hear experiences of rescued pilgrims," tweets EAM Dr S Jaishankar.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
He received a group of 21 pilgrims from Tamil Nadu who were rescued from the floods in Nepal.
(Video: Dr S Jaishankar/X) pic.twitter.com/JtInfEYXgb
नेपाल के रसुवा में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाल सेना ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सेना की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। अभियान के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर प्राथमिकता दी जा रही है।
#WATCH | Rasuwa, Nepal | The Nepal Army has intensified rescue operations for people trapped inside the Rasuwa tunnel following the catastrophic flash flood.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
(Source: Nepal Army) pic.twitter.com/DtraGsCmme
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 315 से अधिक भारतीयों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि करीब 85 भारतीयों को अलग-अलग स्थानों से सुरक्षित बचाया गया है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया तमिलनाडु का 21 सदस्यीय समूह भी शामिल है।
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद शुक्रवार, 28 अगस्त को त्रिशूली में भारी मशीनों की मदद से मलबे में बचे लोगों की तलाश जारी रही। हादसे में कम से कम 469 लोगों की मौत हुई है, जबकि नेपाल और पड़ोसी तिब्बत में करीब 1000 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से चट्टानों, बर्फ, मिट्टी और मलबे का तेज बहाव आया था। बाढ़ ने काठमांडू-ल्हासा मार्ग पर बिजलीघरों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
#WATCH | Nepal: Heavy machinery clawed through Trishuli's mud on Friday (August 28) as rescuers searched for survivors of a flash flood that killed at least 469 people in Nepal. Almost 1,000 more are missing — in Nepal and neighbouring Tibet — after a glacier collapsed on… pic.twitter.com/VDx0ZrTz20
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल-चीन सीमा पर भूस्खलन से बनी झील के शुक्रवार, 28 अगस्त को ओवरफ्लो होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर खतरा बढ़ गया। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। नेपाल के नुवाकोट जिले में लोग नदी के जलस्तर में आने वाले उफान से बचने के लिए त्रिशूली की पहाड़ियों की ओर सुरक्षित स्थानों पर जाते दिखाई दिए। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
#WATCH | Nepal: A lake formed by a landslide on the Nepal-China border started to overflow on Friday (August 28), putting at risk areas devastated by a flash flood two days ago and forcing a temporary halt to rescue efforts, authorities on both sides said. Residents in Nepal's… pic.twitter.com/Zlj2sRwz6S
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल के बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले में शुक्रवार, 28 अगस्त को प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। नेपाल-चीन सीमा पर भूस्खलन से बनी झील के ओवरफ्लो होने से दो दिन पहले तबाह हुए इलाकों में फिर खतरा बढ़ गया। त्रिशूली में बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया और लाउडस्पीकर व सीटी के जरिए लोगों को खतरे वाले क्षेत्रों से हटाया गया। नेपाल ने विदेशी खोज एवं बचाव सहायता की जरूरत नहीं होने की बात कही है।
#WATCH | Authorities in Nepal's flood-hit Nuwakot district urged residents to evacuate on Friday (August 28) as a lake formed by a landslide on the Nepal-China border started to overflow, putting at risk areas devastated by a flash flood two days ago and forcing a temporary halt… pic.twitter.com/Llqvl2uS7I
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार, 27 अगस्त को प्रभावित इलाके में आपातकालीन राहत सामग्री भेजी, जहां विस्थापित परिवार मदद का इंतजार कर रहे हैं। इनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ड्रोन फुटेज में नुवाकोट में व्यापक तबाही दिखाई दी, जहां नदी किनारे कई इमारतें क्षतिग्रस्त और ढह गई हैं। UNICEF की टीम ने मौके पर विस्थापित लोगों से बातचीत कर उनकी स्थिति जानी। वहीं, काठमांडू में UNICEF कर्मचारियों ने हाइजीन किट और जरूरी सामान को ट्रकों में लोड कर प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इसी बीच, नेपाल-चीन सीमा पर भूस्खलन से बनी एक झील के शुक्रवार, 28 अगस्त को ओवरफ्लो होने से फिर खतरा बढ़ गया। इसके चलते त्रिशूली में बचाव अभियान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा और लोगों में दहशत फैल गई।
#WATCH | Nepal: The United Nations deployed emergency supplies to Nepal’s flood-devastated Nuwakot district on Thursday (August 27), as displaced families, including women and young children, await relief.
— ANI (@ANI) August 28, 2026
Drone footage showed widespread destruction across Nuwakot district,… pic.twitter.com/ZERHn6AVRK
नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, अब तक 579 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है, जबकि लापता लोगों की तलाश भी लगातार की जा रही है।
Nepal flash flood death toll rises to 579, as per Nepal's National Disaster Risk Reduction and Management Authority. pic.twitter.com/NjkF1GmRjt
— ANI (@ANI) August 28, 2026
बिहार और नेपाल को जोड़ने वाले वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल सामान्य दायरे में है। यहां नदी का प्रवाह 1,02,100 क्यूसेक दर्ज किया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर में बदलाव की निगरानी जारी है।
#WATCH | The water level of the Gandak River at the Valmikinagar Barrage, which connects Bihar and Nepal, stands in the normal range, at 1,02,100 cusecs. pic.twitter.com/IEGsEOt9Ww
— ANI (@ANI) August 28, 2026
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अनुसार, 10 टन मानवीय सहायता लेकर भारत की तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हुई है। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, भोजन के पैकेट और पानी शुद्ध करने वाली गोलियां शामिल हैं। संभावित सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और रेकी टीम के 11 सदस्य भी भेजे गए हैं। भारत ने नेपाल को हरसंभव सहायता जारी रखने का भरोसा दिया है।
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों को लेकर राहत की खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को 149 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल पहुंच गए हैं। मंत्रालय ने इन नागरिकों के नामों की सूची भी साझा की है। नेपाल में बाढ़ के बाद फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी और उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।