ऐतिहासिक पल, दिवाली अब यूनेस्को की लिस्ट में, दुनिया ने माना भारत की आध्यात्मिक ताकत
Diwali In UNESCO List: यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा यह फैसला भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ताओं का प्रतीक है।
- Written By: अमन उपाध्याय
दिवाली अब यूनेस्को की लिस्ट में, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
भारत के सबसे बड़े और लोकप्रिय त्योहारों में शामिल दीपावली को यूनेस्को द्वारा वैश्विक मंच पर ऐतिहासिक सम्मान मिला है। बुधवार को यूनेस्को ने दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) की प्रतिष्ठित सूची में शामिल कर दिया। यह फैसला दिल्ली के लाल किले में आयोजित हो रहे यूनेस्को के विशेष सम्मेलन के दौरान लिया गया, जिसके बाद देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने लिखा कि खुशी की बात है कि दीपावली को यूनेस्कों की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया।
Glad to learn of the inscription of ‘Deepavali’ in the @UNESCO Intangible Cultural Heritage of Humanity. It is a recognition of the festival’s immense cultural, religious and spiritual significance and of its role in bringing people together. https://t.co/PSWcqgjFVI — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) December 10, 2025
सम्बंधित ख़बरें
पाकिस्तान में पुलिस चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, रातभर हुई गोलीबारी में 9 पुलिसकर्मियों की मौत; 5 जवान अगवा
मैक्रों के सीरिया दौरे के बीच दमिश्क में धमाके, होटल के बाहर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी
धू-धू कर जल रहा पुर्तगाल! 30 हजार हेक्टेयर इलाका तबाह, सरकार ने पूरे देश में इमरजेंसी लगाई
PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर ‘महामंथन’, ड्रैगन की बढ़ेगी टेंशन!
इसका अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल होना इसकी अतुलनीय सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता तथा समाज को एकजुट करने में इसकी भूमिका की वैश्विक पहचान है। जयशंकर ने यह भी कहा कि यह त्योहार की अपार सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता तथा लोगों को एक साथ लाने में इसकी भूमिका की मान्यता है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत सहित दुनिया भर में करोड़ों लोग इसे उत्साह, आध्यात्मिक भाव और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाते हैं। ऐसे में यूनेस्को द्वारा इसे वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता देना भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के विस्तार और स्वीकार्यता को नई दिशा देता है।
यह पहला त्योहार नहीं है इस लिस्ट में
गौरतलब है कि दीपावली भारत का पहला त्योहार नहीं है जो यूनेस्को की इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बना हो। इससे पहले भी भारत की कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परंपराएं और त्योहार इस सूची में शामिल किए जा चुके हैं। दीपावली का नाम जुड़ने के साथ अब भारत के कुल 16 त्योहार, कला रूप और परंपराएं यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में स्थान पा चुकी हैं।
यह भी पढ़ें:- ‘आप ही हमारे जोन में घुसे…’, चीन-रूस की जॉइंट एयर पेट्रोलिंग से भड़का जापान, टकराव चरम पर
इनमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्र जप, और रामलीला रामायण का पारंपरिक नाट्य प्रदर्शन जैसी प्राचीन और जीवंत परंपराएं शामिल हैं। दीपावली का इस सूची में शामिल होना वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है और बताता है कि भारतीय परंपराओं की जड़ें कितनी गहरी और व्यापक हैं।
