दिल्ली AI शिखर सम्मेलन: तकनीकी कूटनीति का बड़ा मौका, भारत बनाएगा वैश्विक AI नियम
Global AI Rules: भारत में होने वाला AI इम्पैक्ट सम्मेलन 100 देशों को साथ लाएगा ताकि AI के न्यायसंगत और समावेशी नियम बन सकें। राजदूत क्वात्रा ने इसे वैश्विक तकनीकी कूटनीति का महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
- Written By: प्रिया सिंह
भारत में होने वाला AI इम्पैक्ट सम्मेलन 100 देशों को लाएगा साथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
India AI Summit Diplomacy: भारत की राजधानी नई दिल्ली जल्द ही एक महत्वपूर्ण वैश्विक AI शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाली है। इस ‘AI इम्पैक्ट’ सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया के 100 देशों को एक मंच पर लाना है। लक्ष्य स्पष्ट है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए न्यायसंगत और समावेशी नियम बनाना, ताकि इसका लाभ सबको मिल सके। भारत इस सम्मेलन को अपनी वैश्विक तकनीकी भूमिका के लिए एक बड़ा कूटनीतिक अवसर मान रहा है।
100 देशों को साथ लाएगा दिल्ली सम्मेलन
भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने हाल ही में वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों और टेक्नोलॉजी लीडर्स को संबोधित करते हुए दिल्ली में होने वाले AI इम्पैक्ट सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला। यह सम्मेलन भारत की ओर से जिम्मेदार AI पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
राजदूत क्वात्रा ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन तीन मुख्य सिद्धांतों पर आधारित होगा, मनुष्य, प्रकृति और प्रगति। भारत का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि AI से होने वाला विकास सबके लिए हो और यह दुनिया में असमानता को बढ़ाने का कारण न बने। इसके लिए 100 देशों की सरकारों और विशेषज्ञों को एक मंच पर बुलाया जा रहा है।
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भारत-अमेरिका सहयोग का महत्व
वाशिंगटन में आयोजित इस कार्यक्रम में अमेरिका के आर्थिक मामलों के उप सचिव जैकब हेलबर्ग ने AI नीति निर्माण में भारत-अमेरिका सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। हेलबर्ग ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और दोनों मिलकर “असीमित उपलब्धियां हासिल” कर सकते हैं। उन्होंने भारत और अमेरिका को AI अर्थव्यवस्था को सुरक्षित और विकसित करने में स्वाभाविक भागीदार बताया। दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्य नई तकनीकों में साझा प्रयासों का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
अमेरिकी कंपनियों के लिए बड़ा अवसर
राजदूत क्वात्रा ने अमेरिकी उद्योगपतियों से कहा कि दिल्ली की यह मीटिंग सहयोग के लिए एक मजबूत अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के लिए, यह समिट भारत के बेजोड़ पैमाने, प्रतिभा और इनोवेशन इकोसिस्टम के साथ मिलकर काम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
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आईटीआई के अध्यक्ष जैसन ऑक्समन ने भी तकनीकी उद्योग की ओर से समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि AI से पूरे समाज को तभी लाभ मिलेगा जब देशों के बीच मजबूत साझेदारी और समान नीति बनेगी। यह सम्मेलन AI युग में जिम्मेदार नेतृत्व को परिभाषित करने वाली एक साझेदारी की नींव रखेगा।
