कांगो में इबोला का 'साइलेंट' प्रहार: सरकारी आंकड़ों से 4 गुना भयावह हो सकता है संक्रमण, WHO ने जारी की चेतावनी

Congo Ebola Outbreak: कांगो में इबोला का प्रकोप बेकाबू हो रहा है। WHO की चेतावनी के अनुसार, वास्तविक मामले आधिकारिक आंकड़ों से चार गुना अधिक हो सकते हैं।
Ebola's 'silent' strike in Congo: Infection could be four times worse than official figures suggest; WHO issues warning.
सांकेतिक एआई फोटो
Published on
Updated on

Congo Ebola Outbreak Latest News In Hindi: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जहां इबोला का प्रकोप अब आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में कहीं अधिक भयावह रूप ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कांगो के कुछ हिस्सों में संक्रमण की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है।

गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी ने अब तक 1,792 लोगों को संक्रमित किया है और 625 लोगों की जान ले ली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल हिमशैल का सिरा मात्र है।

अज्ञात संक्रमण स्रोतों ने बढ़ाई चिंता

WHO के आपात स्थिति निदेशक चिकवे इहेक्वेजू ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके अनुसार, इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया, जो वर्तमान में इस प्रकोप का केंद्र है, वहां हर पांच में से चार नए पुष्ट मरीजों (80%) का मौजूदा मरीजों से कोई ज्ञात संबंध नहीं मिल रहा है।

इसका अर्थ यह है कि वायरस समुदाय में गुप्त रूप से फैल रहा है और स्वास्थ्य कर्मी इसके प्रसार के मूल स्रोत को ट्रैक करने में विफल हो रहे हैं। मॉडलिंग और परीक्षण की सकारात्मकता दरों के आधार पर, WHO का अनुमान है कि यह प्रकोप पुष्ट मामलों की संख्या से दो से चार गुना बड़ा हो सकता है।

हल्का लक्षण लेकिन बड़ा खतरा

जांच में यह बात सामने आई है कि वर्तमान में फैल रहा इबोला वायरस का 'बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन अन्य प्रकारों की तुलना में थोड़े हल्के लक्षण पैदा कर रहा है। हालांकि यह पहली नज़र में सकारात्मक लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह अधिक खतरनाक साबित हो रहा है।

लक्षणों के हल्का होने के कारण प्रभावित समुदायों में खतरे का एहसास कम हो गया है। लोग इसे सामान्य बीमारी समझकर संक्रमित रिश्तेदारों की घर पर ही देखभाल कर रहे हैं। इहेक्वेजू के अनुसार, मरीज अपेक्षा से अधिक समय तक उचित देखभाल से दूर रह रहे हैं, जिससे उनके द्वारा समुदाय में वायरस फैलाने की संभावना कई गुना बढ़ गई है।

अस्पतालों के बाहर हो रही मौतें

स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय समुदाय में होने वाली मौतें हैं। इबोला से हुई पहली 400 मौतों के विश्लेषण से पता चला है कि लगभग 70% मौतें उपचार केंद्रों के बाहर हुई थीं। यह इस बात का प्रमाण है कि एक बड़ी आबादी स्वास्थ्य प्रणाली की पहुंच से बाहर है।

10 लाख की आबादी वाले बुनिया में, परीक्षण किए जाने वाले हर दो में से एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, जो सघन और निरंतर सामुदायिक संक्रमण का स्पष्ट संकेत है।

निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की कवायद

इस आपदा से निपटने के लिए अब निगरानी प्रणाली को युद्ध स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने 21,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देना शुरू किया है। ये कर्मी अब घर-घर जाकर जांच करेंगे, संदिग्ध मामलों की पहचान करेंगे और लोगों को लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। हालांकि, संक्रमण के भौगोलिक फैलाव ने चुनौती को और कठिन बना दिया है, क्योंकि वायरस अब इतुरी और उत्तरी किवु से आगे बढ़कर दक्षिणी किवु और त्शोपो प्रांत तक पैर पसार चुका है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com