Ebola Crisis Congo: कांगो इबोला संकट से 600 मौतें, संयुक्त राष्ट्र ने दी भयानक प्रकोप की चेतावनी

Ebola Crisis Congo: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और उसके आसपास के इलाकों में इबोला वायरस का प्रकोप बेहद चिंताजनक रूप ले चुका है। अब तक 1,792 लोग संक्रमित हैं और 625 मौतें हुई हैं।
Ebola Crisis Congo: UN Warns Of Rapid Expansion And Rising Death Toll In The Democratic Republic
कांगो में इबोला से 600 मौतें (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Fatal Ebola Crisis Congo: संयुक्त राष्ट्र के इमरजेंसी रिलीफ कोऑर्डिनेटर टॉम फ्लेचर ने कांगो में इबोला रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इबोला की कमर तोड़ने के लिए तुरंत काम करने की जरूरत है। इतुरी प्रांत इस प्रकोप का मुख्य केंद्र है, लेकिन यह वायरस दूसरे प्रांतों में भी तेजी से फैल रहा है। संघर्ष और लोगों की भारी आवाजाही से इसके फैलने का बहुत बड़ा खतरा बढ़ गया है।

डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर काम्बा ने भी इस संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई है। बूनिया में उन्होंने कहा कि इबोला का यह प्रकोप अभी भी बहुत सक्रिय चरण में है। ज्यादा आबादी घनत्व और स्थानीय कारकों से समुदाय को बचाना काफी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यह बताना जल्दबाजी होगी कि प्रकोप कब अपने चरम पर पहुंचेगा।

संक्रमण और मौतों के आंकड़े

पंद्रह मई को इस भयानक प्रकोप की घोषणा की गई थी। तब से डीआरसी में 1,700 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 600 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। इस खतरनाक वायरस का असर सिर्फ कांगो तक ही सीमित नहीं है, युगांडा में भी इसके 20 मामलों की पुष्टि हुई है। इससे सभी पड़ोसी देशों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।

पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से बड़ा संकट

टॉम फ्लेचर ने इसे सिर्फ एक पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से कहीं ज्यादा गंभीर और बड़ा संकट बताया है। इबोला के इस प्रकोप से पहले ही लाखों लोग संघर्ष, भारी भुखमरी और विस्थापन का सामना कर रहे थे। कमजोर बुनियादी सेवाओं और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण चुनौती बहुत बड़ी हो गई है। आम जनता पहले से ही काफी ज्यादा परेशान और लाचार है।

राहत और बचाव कार्य की अपील

संयुक्त राष्ट्र इबोला से निपटने के लिए अपने प्रयासों को बहुत तेजी से आगे बढ़ा रहा है। फ्लेचर ने कहा कि सभी पक्षों को मानवीय और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। सीमाएं और सप्लाई रूट खुले रहने चाहिए ताकि जरूरी सामान आसानी से पहुंचें। दानदाताओं को भी यह पक्का करना चाहिए कि फंड राहत कार्य करने वालों तक तेजी से पहुंचे।

ताजा रिपोर्ट और मृत्यु दर

डीआरसी संचार मंत्रालय ने सोशल मीडिया X पर इस संकट की ताजा जानकारी साझा की है। इस नई रिपोर्ट में 1,792 कन्फर्म मामलों और 625 मौतों की स्पष्ट पुष्टि की गई है। कुल 764 मरीज अभी आइसोलेशन या अस्पताल में हैं, जबकि 295 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। इस बीमारी में कुल मिलाकर मृत्यु दर 34.1 प्रतिशत रही है जो बहुत खतरनाक है।

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