चीन ने विक्ट्री परेड में दिखाई ताकत, पेश किया ऐसा फाइटर जेट कि अमेरिका की हो गई हालत खराब
China News: चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी आक्रमण पर जीत की 80वीं वर्षगांठ पर भव्य परेड में अत्याधुनिक हथियार प्रदर्शित किए, जिसमें दो सीटों वाला स्टील्थ फाइटर J-20S खास आकर्षण रहा।
- Written By: अक्षय साहू
चीन का J-20 लड़ाकू विमान (फोटो- सोशल मीडिया)
China Victory Parade: चीन ने बुधवार को द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी आक्रमण के विरुद्ध अपनी जीत की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर भव्य विक्ट्री परेड आ आयोजन किया। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एशिया के कई बड़े नेता शामिल हुए। चीन ने इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा और परेड में अपने कई स्वदेशी हथियार दुनिया के सामने पेश किया।
चीन ने सैन्य परेड के दौरान अपने हथियारों की जमकर नुमाईश की, लेजर हथियार, इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM), पानी के नीचे संचालित होने वाले ड्रोन और पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट शामिल हैं। लेकिन पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर चीन के लड़ाकू विमान J-20 ने खींचा। दुनिया का पहला 2 सीटों वाला पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है।
कितना खरतनाक है J-20s लड़ाकू विमान
J-20, जिसे ‘माइटी ड्रैगन’ के नाम से भी जाना जाता है, चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जो हर मौसम में उड़ान भरने की क्षमता रखता है। इस आधुनिक लड़ाकू विमान के तीन प्रमुख संस्करण हैं J-20, J-20A और J-20S। इसका पहला संस्करण 2010 में डिजाइन किया गया था, जबकि J-20A को पहली बार 2022 में प्रदर्शित किया गया।
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इसके बाद, J-20S को आधिकारिक रूप से 2024 के झुहाई एयर शो में चीनी सेना द्वारा पेश किया गया। अमेरिका और रूस के बाद चीन दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसने अपनी तकनीक से पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान विकसित किया है। अमेरिका के पास F-22 रैप्टर और F-35 जैसे उन्नत फाइटर जेट हैं, जबकि रूस के पास Su-57 है।
चीन की सैन्य क्षमताओं में नई शक्ति
इसके अलावा परेड में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र बना LY-1 लेजर हथियार, जिसे HZ-155 बख्तरबंद ट्रक पर तैनात किया गया था। यह हथियार दुश्मन के ऑप्टिकल सेंसर और उपकरणों को लक्ष्य बनाकर नष्ट करने में सक्षम है। चीनी विश्लेषकों के अनुसार, यह तकनीक विशेष रूप से समुद्री क्षेत्रों में चीन की सैन्य ताकत को बढ़ावा देगी।
भारत द्वारा हाल ही में उच्च-शक्ति लेजर-आधारित निर्देशित-ऊर्जा हथियार (DEW) प्रणाली का सफल परीक्षण किए जाने को भी एक चीनी सैन्य विशेषज्ञ ने “महत्वपूर्ण प्रगति” बताया, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
परमाणु मिसाइलों की नयी पीढ़ी
इस परेड में चीन ने पहली बार अपनी नई तरल-ईंधन अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल DF-5C को प्रदर्शित किया, जिसकी अनुमानित मारक क्षमता 20,000 किलोमीटर से अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल 10 स्वतंत्र रूप से निशाना साध सकने वाली वॉरहेड्स (MIRVs) से लैस है, जिससे यह एक साथ कई लक्ष्यों को भेद सकती है।
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इसके अलावा, PLA ने हवाई-प्रक्षेपित परमाणु मिसाइल JL-1, पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइल JL-3, और मिसाइलों की त्रि-सेना प्रणाली को दर्शाने वाली DF-31 और DF-61 का भी प्रदर्शन किया। यह कदम चीन की “थल, जल और वायु में त्रिकोणीय परमाणु शक्ति” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। चीन ने इन हथियारों के अलावा कई और हथियार दुनिया के सामने पेश किए जिन्हें इससे पहले कभी देखा ही नहीं गया था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
