ग्रीनलैंड पर ट्रंप को चीन-फ्रांस की दो टूक चेतावनी, कॉन्सेप्ट फोटो 
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ग्रीनलैंड पर ट्रंप को चीन-फ्रांस की दो टूक चेतावनी, बोले- जंगलराज की तरफ नहीं लौट सकती दुनिया

China France Warning: दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान चीन और फ्रांस ने डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और ग्रीनलैंड पर दबाव को लेकर वैश्विक समुदाय को आगाह किया है।

अमन उपाध्याय

Trump Greenland Policy Davos: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की बैठक के दौरान वैश्विक शक्तियों के बीच तनाव और तेज हो गया है। चीन और फ्रांस के शीर्ष नेतृत्व ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों और ग्रीनलैंड को लेकर उनके रुख की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा करार दिया है।

ताकतवर देश कमजोरों का शिकार न करें

चीन चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए ट्रंप प्रशासन पर सीधा हमला बोला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया फिर से उस 'जंगल के कानून' की ओर वापस नहीं लौट सकती जहां ताकतवर देश कमजोर देशों का शिकार करते हैं। लिफेंग ने जोर देकर कहा कि कुछ चुनिंदा देशों को अपने स्वार्थ के लिए विशेष विशेषाधिकार नहीं मिलने चाहिए और सभी देशों को अपने वैध हितों की रक्षा का बराबर अधिकार है।

ग्रीनलैंड और एकतरफावाद पर प्रहार

चीन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रंप नाटो सहयोगी डेनमार्क पर ग्रीनलैंड सौंपने का दबाव बना रहे हैं। चीनी नेता ने ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे और एकतरफा व्यापार नीतियों की निंदा करते हुए इन्हें विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आगाह किया कि मौजूदा बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

नियम खत्म होने की ओर बढ़ रही है दुनिया

मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इसी मंच से वैश्विक व्यवस्था के टूटने पर चिंता जताई। मैक्रों ने कहा कि हम एक ऐसी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं जहां नियम कमजोर पड़ते जा रहे हैं या पूरी तरह खत्म होते जा रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मजबूती से बहुपक्षवाद का समर्थन करने की अपील की।

अमेरिका-डेनमार्क के बीच कूदा रूस

इसी बीच,  ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के तनातनी में अब रूस भी कूद पड़ा है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक हैरान करने वाला बयान देते हुए कहा कि सैद्धांतिक रूप से ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वाभाविक हिस्सा नहीं माना जा सकता। लावरोव के इस बयान को अमेरिका और यूरोप के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को और भड़काने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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