

China Former Defence Ministers Sentenced: चीन की राजनीति और सेना में तब खलबली मच गई जब वहां की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने खबर दी कि दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा सुनाई गई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे अभियान में इसे अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई माना जा रहा है।
चीनी अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे और उनके बाद पद संभालने वाले ली शांगफू को भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में दोषी पाया गया है। अदालत ने दोनों को मौत की सजा दी है लेकिन इसमें दो साल की छूट दी गई है। चीन की सेना के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब लगातार दो रक्षा मंत्रियों को इतनी बड़ी और कड़ी सजा मिली है।
2023 में ली शांगफू अचानक गायब हो गए थे। उन पर सेना की जांच एजेंसियों ने नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए थे। जांच में यह पता चला कि उन्होंने अपने फायदे के लिए बहुत सारा पैसा और कीमती चीजें रिश्वत में लीं और सेना में नियुक्तियों के दौरान पक्षपात किया। उन्हें पहले ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और ताकतवर केंद्रीय सैन्य आयोग से बाहर निकाला जा चुका था। ली शांगफू से पहले रक्षा मंत्री रहे वेई फेंगहे को भी इन्हीं आरोपों की वजह से पार्टी से निकाल दिया गया था।
यह कार्रवाई शी जिनपिंग द्वारा चीनी सेना (PLA) के अंदर चलाए जा रहे एक बड़े सफाई अभियान का हिस्सा है। पिछले साल भी राष्ट्रपति ने सेना के नौ बड़े जनरलों को उनके पदों से हटा दिया था, जिनमें केंद्रीय सैन्य आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष भी शामिल थे। सेना के अखबार 'पीएलए डेली' ने इन अधिकारियों के व्यवहार को अटूट विश्वास का पूरी तरह खत्म होना बताया था, जिससे सेना की एकजुटता और कम्युनिस्ट पार्टी की ताकत को नुकसान पहुंचा था।
जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ भ्रष्टाचार मिटाना नहीं, बल्कि सेना पर शी जिनपिंग का नियंत्रण और ज्यादा मजबूत करना है। जिस तरह पहले विदेश मंत्री किन गैंग और अब दो रक्षा मंत्री अचानक गायब हुए और फिर उन्हें सजा दी गई, उससे पता चलता है कि चीन की सत्ता में ऊंचे पदों पर बैठा कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। यह कदम बड़े राजनीतिक बदलावों से पहले सेना को पूरी तरह अपने प्रति वफादार बनाने की एक बड़ी कोशिश है।