

China Huajiang Grand Canyon Bridge: चीन अपने शानदार इंजीनियरिंग के लिए दुनियाभर में प्रख्यात है। इसका ताजा उदाहरण गुइझोउ प्रांत में दुनिया के सबसे ऊँचे पुल हुआजियांग ग्रैंड कैन्यन ब्रिज है। किसी अजूबे से कम नहीं है। यह पुल जमीन से 625 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसकी कुल लंबाई 1,420 मीटर है। कमाल की बात ये है कि चीन ने इसे सिर्फ तीन साल पहले ही बनाना शुरू किया था और अब ये उद्घाटन को लिए तैयार है।
इस पुल के खुलने से कियानक्सिनन बुई और मियाओ स्वायत्त प्रांत तथा गुइझोउ के अंशुन शहर के बीच यात्रा का समय दो घंटे से घटकर केवल दो मिनट रह गया है। इसके चलते सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है। खासकर मैगी की दो मिनट वाली टैग लाइन से, क्योंकि इंस्टेंट नूडल्स भी लगभग दो मिनट में बनकर तैयार हो जाता है।
चीन के समाचार एजेंसी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्टों के मुताबिक, हुआजियांग ग्रैंड कैन्यन ब्रिज के शुरू होने से न सिर्फ यात्रा समय में भारी कमी आई है, बल्कि इस क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी तेजी मिली है। प्रांतीय परिवहन विभाग की प्रमुख झांग यिन ने बताया कि पुल से जुड़ा 190 किलोमीटर लंबा शांतियन-पुक्सी एक्सप्रेसवे दक्षिण-पश्चिमी चीन में संपर्क को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। 625 मीटर की ऊँचाई के साथ हुआजियांग ग्रैंड कैन्यन ब्रिज ने बेइपानजियांग ब्रिज (565 मीटर) को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे ऊँचे पुल का खिताब अपने नाम किया है।
पुल का मुख्य ढांचा 93 स्टील ट्रस सेक्शनों से बना है, जिनका कुल वजन लगभग 22,000 टन है जो एफिल टॉवर के वजन का तीन गुना है। निर्माण में डॉपलर लिडार डिटेक्शन, बेईदोउ डायनेमिक पोजिशनिंग, डिजिटल असेंबली, और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम जैसी नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
झांग यिन के अनुसार, निर्माण के दौरान इंजीनियरों को तेज घाटी वाली हवाओं और दुर्गम पहाड़ी भू-भाग जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। परियोजना को अब तक 21 अधिकृत पेटेंट प्राप्त हो चुके हैं और इसकी कई तकनीकों को भविष्य की राष्ट्रीय निर्माण परियोजनाओं के लिए मानक के रूप में शामिल किया जा रहा है। हुआजियांग ग्रैंड कैन्यन ब्रिज न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, बल्कि यह चीन के पश्चिमी क्षेत्रों में संपर्क, व्यापार और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम भी है।