

China billionaire Chen Zhi Arrest: चीन ने एक साथ दो मोर्चों पर सख्त रुख अपनाकर दुनिया को चौंका दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, चीन में जन्मे अरबपति कारोबारी चेन झी को कंबोडिया में गिरफ्तार कर चीन प्रत्यर्पित कर दिया गया है। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चेन झी पर अमेरिका ने धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए थे।
अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, चेन झी कंबोडिया से एक मल्टीबिलियन डॉलर का ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क चला रहा था। उस पर न केवल वित्तीय अपराध बल्कि जबरन मजदूरी कराने वाले ठिकाने चलाने का भी आरोप है। अक्टूबर में अमेरिका और ब्रिटेन ने चेन पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिसके बाद यूरोप, अमेरिका और एशिया में उसकी कंपनी प्रिंस होल्डिंग ग्रुप की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। अमेरिकी न्याय विभाग ने चेन के संगठन को एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों में से एक का 'मुखौटा' करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के साथ-साथ चीन के भीतर भी पुलिस ने धार्मिक स्वतंत्रता पर शिकंजा कस दिया है। इस हफ्ते एक प्रभावशाली अंडरग्राउंड प्रोटेस्टेंट चर्च (Early Rain Covenant Church) के 6 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने चर्च के मौजूदा नेता ली यिंगकियांग के घर पर छापा मारा और उन्हें हिरासत में ले लिया। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण से बाहर काम करने वाले धार्मिक समूहों को दबाने का एक हिस्सा है।
चीन में वर्तमान में लगभग 4.4 करोड़ ईसाई सरकारी मान्यता प्राप्त चर्चों से जुड़े हैं, लेकिन करोड़ों लोग अभी भी गुप्त रूप से 'हाउस चर्चों' में प्रार्थना करते हैं। हाल के महीनों में इन चर्चों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की आलोचना तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चेन झी की गिरफ्तारी से चीन यह दिखाना चाहता है कि वह अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ सख्त है जबकि पादरियों की गिरफ्तारी उसके आंतरिक नियंत्रण को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।