शेख हसीना, खालिदा जिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
BNP Blame Sheikh Hasina For Ex PM Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर एक गंभीर आरोप लगाया है। बीएनपी ने बयान जारी करते हुए कहा कि शेख हसीना को बेगम खालिदा जिया की मौत की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जा सकता। खालिदा जिया, जो लंबे समय से बीमार थीं, का 80 वर्ष की आयु में मंगलवार को निधन हो गया था।
बीएनपी के स्थायी समिति सदस्य नजरुल इस्लाम खान ने खालिदा जिया के अंतिम संस्कार से पहले शेख हसीना पर यह आरोप लगाया। नजरुल, खालिदा जिया के राजनीतिक सहयोगी रहे हैं और उन्होंने इस आरोप को जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में पढ़े गए एक लिखित बयान के माध्यम से व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खालिदा जिया को 8 फरवरी 2018 से दो साल से अधिक समय तक झूठे मामलों में जेल में रखा गया और इस दौरान उन्हें सही इलाज नहीं मिल सका, जिससे उनकी सेहत काफी बिगड़ गई।
नजरुल इस्लाम ने कहा कि यह पूरी तरह से देखा गया था कि खालिदा जिया, जो खुद चलकर जेल गई थीं, एकांत कारावास से गंभीर रूप से बीमार होकर निकलीं। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत अगले चार वर्षों की नजरबंदी के दौरान और बिगड़ी, क्योंकि उन्हें विदेश में इलाज करवाने की अनुमति नहीं दी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि वह अंततः अपनी जान से हाथ धो बैठीं। उन्होंने यह भी कहा कि फासीवादी शेख हसीना को खालिदा जिया की मौत की जिम्मेदारी से कभी भी मुक्त नहीं किया जा सकता।
खालिदा जिया पिछले पांच हफ्तों से गंभीर रूप से बीमार थीं और ढाका के एवरकेयर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह 1991 से 1996 और फिर 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उनके पति, जनरल जिया उर रहमान, एक स्वतंत्रता सेनानी और बांग्लादेश के पूर्व सैन्य शासक थे।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बेगम खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश की राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है, और उनकी पार्टी बीएनपी को चुनावों में मतदाताओं की सहानुभूति का फायदा मिल सकता है।