ISI की एंट्री, टैंक डील की आहट… बांग्लादेश-पाकिस्तान में चल रही ‘डिफेंस एंग्रीमेंट’ की तैयारी!
Bangladesh Pakistan Military Deal: बांग्लादेश और पाकिस्तान के सैन्य रिश्तों में हाल के महीनों में तेजी से गर्माहट आई है। ढाका में पाकिस्तानी रक्षा प्रतिनिधिमंडलों का लगातार आना इस बात का संकेत है...
- Written By: अमन उपाध्याय
बांग्लादेश-पाकिस्तान में ‘डिफेंस एंग्रीमेंट’ की तैयारी! फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Pakistan Defence Relations: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच सैन्य रिश्तों में अचानक आई गर्माहट क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बनकर उभर रही है। पिछले एक महीने के भीतर पाकिस्तान के कई हाई-प्रोफाइल सैन्य प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचे हैं।
Heavy Industries Taxila (HIT) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शाकिर उल्लाह खत्तक की हालिया यात्रा ने इस संकेत को और मजबूत किया है कि बांग्लादेश बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी हथियार खरीदने की तैयारी में है।
ढाका में संभावित सैन्य डील की आहट
रविवार को बांग्लादेश के आर्मी चीफ जनरल वेकर-उज-जमां और पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों के बीच अहम बैठक हुई। पाकिस्तान की हथियार निर्माण इकाई HIT टैंक, APCs, बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, असॉल्ट राइफल, लॉजिस्टिक वाहन और चीन-डिज़ाइन सैन्य हार्डवेयर बनाती है। इन हथियारों की सूची अब बांग्लादेश की संभावित खरीद सूची में शामिल बताई जा रही है।
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संभावित हथियार जिनमें बांग्लादेश की रुचि है-
- मेन बैटल टैंक
- APCs
- बख्तरबंद लड़ाकू वाहन
- असॉल्ट राइफल और हल्के हथियार
- पाकिस्तानी-निर्मित चीनी सैन्य हार्डवेयर
- सैन्य लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट वाहन
यह पाकिस्तान की ओर से एक महीने में दूसरी बड़ी सैन्य यात्रा थी, जिससे साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश रक्षा डील को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
क्यों बढ़ रही हैं सैन्य नजदीकियां?
अंतरिम सरकार आने के बाद बांग्लादेश की विदेश और सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। आरोप है कि प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस सैन्य मामलों में पाकिस्तान-समर्थित अधिकारियों की सलाह पर काम कर रहे हैं।
कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी, जिन्हें कट्टरपंथी और अतिवादी रुख वाला माना जाता है, बांग्लादेश-पाकिस्तान सहयोग को पुनर्जीवित करने के पक्ष में लगातार दबाव बना रहे हैं। मेजर जनरल (रिटा.) फजलुर रहमान जैसे अधिकारी खुले तौर पर भारत-विरोधी बयान देते रहे हैं और इन्हीं के प्रभाव में हाल के सप्ताहों में पाकिस्तान से सैन्य संपर्क बढ़ा है।
चार क्षेत्रों में बनी प्रारंभिक सहमति
अक्टूबर और नवंबर के बीच पाकिस्तानी सेना के चार उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचे। इन बैठकों में चार प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर सहमति बनती नजर आई जिनमें खुफिया समन्वय शामिल है, जहां ISI और DGFI के बीच संयुक्त तंत्र स्थापित करने और इंटेलिजेंस संसाधन साझा करने पर चर्चा हुई।
इसके अलावा सैन्य प्रशिक्षण को लेकर भी दोनों देशों में समझ बढ़ी है, जिसके तहत बांग्लादेशी अधिकारियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दिलाने और पाकिस्तानी ट्रेनर्स को ढाका भेजने की योजना तैयार की जा रही है। थलसेना, नौसेना और वायुसेना स्तर पर नई संयुक्त सैन्य कवायतों की तैयारी भी जारी है। वहीं चीन-डिज़ाइन किए गए पाकिस्तानी हथियारों की संभावित खरीद इन उभरते रक्षा समझौतों का बड़ा हिस्सा मानी जा रही है।
हर प्रतिनिधिमंडल में ISI अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक ऐसे समझौते पर विचार कर रहे हैं जो पाकिस्तान-सऊदी न्यूक्लियर शील्ड मॉडल जैसा हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो भारत के लिए पश्चिम (पाकिस्तान) और पूर्व (बांग्लादेश) दोनों दिशाओं से रणनीतिक खतरा बढ़ सकता है।
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इसके अलावा, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि ISI अधिकारी हर प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे और उनकी ढाका में कट्टरपंथी अधिकारियों व संगठनों से गुप्त बैठकें भी हुईं।
