Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

बांग्लादेश में हिंदुओं पर नहीं बंद हो रहा अत्याचार, हिंदू शिक्षकों से जबरन लिया जा रहा इस्तीफा

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। हिंदुओं के लिए यहां परेशानियां यहां बढ़ती ही जा रही है। अब हिंदुओं से जबरन इस्तीफा देने पर पर मजबूर किया जा रहा है। 5 अगस्त से अब तक लगभग 49 हिंदू शिक्षकों से इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया है।

  • Written By: साक्षी सिंह
Updated On: Sep 01, 2024 | 02:50 PM

फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया

Follow Us
Close
Follow Us:

ढाका: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। हिंदुओं के लिए यहां परेशानियां यहां बढ़ती ही जा रही है। अब हिंदुओं से जबरन इस्तीफा देने पर पर मजबूर किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 अगस्त से अब तक लगभग 49 हिंदू शिक्षकों से इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया है।

ये जानकारी छात्र एक्य परिषद के एक प्रेस संवादाता सम्मेलन के माध्यम से पता चला। बांग्लादेश में पांच अगस्त को शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद से अब तक हिंसा प्रभावित देश में अल्पसंख्यक समुदायों के कम से कम 49 शिक्षकों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।

ये भी पढ़ें:-Bangladesh: शेख हसीना को लेकर धर्म संकट में भारत, क्या है केंद्र सरकार के पास विकल्प

सम्बंधित ख़बरें

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व सेलेक्टर पर लगाया बैन, महिला कप्तान जहानारा ने लगाए थे यौन उत्पीड़न का आरोप

तमिलनाडु में फरीदाबाद जैसा टेरर मॉड्यूल, पहले बांग्लादेश में मीटिंग फिर भारत में रेकी, ऐसे हुआ भांडाफोड़

बांग्लादेश की संसद में ‘दागियों’ का राज, 43 सांसदों पर हत्या के केस, आधे से ज्यादा नेता आपराधिक रिकॉर्ड वाले

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में जमी बर्फ पिघली, तारिक रहमान सरकार का बड़ा फैसला; वीजा सेवाएं फिर से बहाल

अल्पसंख्यकों के एक संगठन ने यह जानकारी दी। समाचार पत्र द डेली स्टार की खबर के मुताबिक, बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई ओइक्या परिषद’ की छात्र शाखा ‘बांग्लादेश छात्र ओइक्या परिषद ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

49 को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा

संगठन के समन्वयक साजिब सरकार ने कहा कि 76 वर्षीय प्रधानमंत्री हसीना के पद से हटने और उनके देश से जाने के बाद कई दिन तक जारी रही हिंसा में देश भर में अल्पसंख्यक शिक्षकों के साथ मारपीट की घटनाएं हुईं और उनमें से कम से कम 49 को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

19 को बहाल किया

रिपोर्ट में साजिब के हवाले से कहा गया कि बाद में उनमें से 19 को बहाल कर दिया गया। सरकार ने कहा कि इस अवधि के दौरान धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों को हमलों, लूटपाट, महिलाओं पर हमले, मंदिरों में तोड़फोड़, घरों और व्यवसायों पर आगजनी और हत्याओं जैसी घटनाओं का भी सामना करना पड़ा।

ये भी पढ़ें:-पाकिस्तान में बढ़ रहा मंकी पॉक्स का प्रकोप, अब पांचवां मामला आया सामने

‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ और ‘बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद’ की ओर से संकलित आंकड़ों के अनुसार, हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद से 52 जिलों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमले की कम से कम 205 घटनाएं हुईं।

Bangladesh no end to woes of minority hindus minority teachers forced to leave job dhaka

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Sep 01, 2024 | 02:50 PM

Topics:  

  • Bangladesh

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.