Bangladesh Mirzapur Durga Temple Idol Vandalism: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बीच एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। मिर्जापुर के जमुरकी पश्चिमपाड़ा इलाके में करीब 85 सालों से आयोजित हो रही दुर्गा पूजा से ठीक पहले उपद्रवियों ने मंदिर में निर्माणाधीन मूर्तियों में तोड़फोड़ की।
जमुरकी आर्य समिति के तहत बन रही मुख्य देवी दुर्गा समेत सात मूर्तियों को बुधवार रात से गुरुवार सुबह के बीच आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिनकी रंगाई का काम होना बाकी था।
घटना की सूचना मिलते ही तंगेल के सहायक पुलिस अधीक्षक अदनान मुस्तफिज ने मौके का मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्थानीय आयोजकों ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
मंदिर प्रशासन और पुलिस के अनुसार, मिर्जापुर के जमुरकी पश्चिमपाड़ा इलाके में बुधवार रात से गुरुवार सुबह के बीच मूर्तियों में तोड़फोड़ की गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जमुरकी आर्य समिति के तहत इस मंदिर में करीब 85 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर में इस साल दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही थीं। मुख्य देवी दुर्गा की मूर्ति समेत सात मूर्तियां लगभग तैयार हो चुकी थीं और केवल रंगाई का काम बाकी था।
जमुरकी आर्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश बकाली ने बताया, हम बुधवार रात करीब 10 बजे तक मंदिर में थे। इसके बाद घर चले गए। गुरुवार सुबह जब मंदिर लौटे तो मूर्तियां टूटी हुई मिलीं।
उन्होंने कहा, "हमें नहीं पता कि यह किसने किया। हमने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अब हमारी मांग है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां जिम्मेदार लोगों का पता लगाएं और उन्हें कानून के दायरे में लाएं।"
घटना की पुष्टि करते हुए तंगेल के सहायक पुलिस अधीक्षक अदनान मुस्तफिज ने बताया कि कुछ मूर्तियां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मिली हैं।
उन्होंने कहा, हम दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए जांच कर रहे हैं। जरूरी सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। रिपोर्ट में इस घटना को बांग्लादेश में हिंदू मंदिर और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों को लेकर जताई जा रही चिंताओं से जोड़ा गया है।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पिछले महीने फरीदपुर शहर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर से देवी काली की मूर्ति के साथ कई आभूषण और धार्मिक वस्तुएं चोरी हो गई थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी हुई वस्तुओं में देवी काली की मूर्ति, उस पर चढ़ाए गए करीब 7 से 8 तोला सोने के आभूषण, भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण और मनसा की पीतल की छोटी मूर्तियां शामिल थीं। इसके अलावा शिवलिंग के चारों ओर रखा करीब 8 से 10 तोला वजन का चांदी का सांप भी चोरी होने की बात कही गई थी।
बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी घटनाओं के बीच इस मामले पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, जमुरकी मंदिर की घटना और पहले सामने आई चोरी के मामले के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच अवामी लीग ने 2001 से 2006 के दौरान बीएनपी-जमात-ए-इस्लामी गठबंधन सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि 2026 में भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ वैसी ही स्थिति दिखाई दे रही है।
पार्टी ने मंदिरों पर हमले, घरों में आगजनी, जमीन पर कब्जे, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और हिंदुओं को देश छोड़ने के लिए मजबूर किए जाने जैसे आरोप लगाए थे। ये अवामी लीग के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की गई है।