बांग्लादेश में खसरे का कोहराम: अब तक 294 बच्चों की मौत, वैक्सीनेशन सिस्टम फेल होने से गहराया संकट
Bangladesh Measles Outbreak: बांग्लादेश में खसरे की महामारी से अब तक 294 बच्चों की जान जा चुकी है। वैक्सीन की कमी के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ तत्काल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की अपील किए हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
बांग्लादेश में खसरे की महामारी ( फोटो, सो. IANS )
Bangladesh Measles Outbreak Vaccine Crisis: पड़ोसी देश बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप एक भयावह महामारी का रूप ले चुका है। पिछले कुछ दिनों में खसरे और इसके जैसे लक्षणों के कारण 10 और बच्चों की मौत हो गई है, जिसके बाद देश में मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 294 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि शनिवार से रविवार सुबह के बीच मात्र 24 घंटों के दौरान खसरे से हुई मौतों का आंकड़ा 50 तक पहुंच गया। जिसने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है कारण?
साइंस एडवाइजर की रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट की मुख्य वजह जुलाई 2024 के राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बाद शुरू हुई वैक्सीन की खरीद में बहुत बड़ी रुकावट है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के 18 महीनों के कार्यकाल के दौरान देश का पूरा वैक्सीनेशन कवरेज सिस्टम अस्त-व्यस्त हो गया।
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सबसे बड़ा बदलाव सितंबर 2025 में देखा गया जब अंतरिम सरकार ने यूनिसेफ (UNICEF) के माध्यम से वैक्सीन खरीदने की पुरानी प्रक्रिया को बंद कर दिया और इसकी जगह ‘ओपन टेंडर सिस्टम’ अपना लिया। इस नई खरीद प्रक्रिया के कारण वैक्सीन की आपूर्ति में देरी हुई और देश भर में टीकाकरण दर में भारी गिरावट आई है।
इन इलाकों में स्थिति और भी गंभीर
खसरे का संक्रमण ढाका, बारिशाल, चटगांव, खुलना और सिलहट जैसे प्रमुख डिवीजनों में फैल चुका है। विशेष रूप से बंदरबन जिले के अलीकादम जैसे पहाड़ी और दूर-दराज के इलाकों में स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। वहां बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और वैक्सीन की कमी के कारण ग्रामीण अपने बच्चों का इलाज स्थानीय नुस्खों और हर्बल दवाओं से करने को मजबूर हैं। अब तक देश में खसरे के 5,313 मामले सामने आ चुके हैं जबकि संदिग्धों की संख्या 40,491 के पार पहुंच गई है।
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WHO की चेतावनी
हालात बिगड़ते देख विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत टीकाकरण नहीं बढ़ाया गया तो यह बीमारी और तेजी से फैलेगी। इसी बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार से अपील की है कि इसे आधिकारिक तौर पर हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया जाए। उनका कहना है कि हालात पहले से ही गंभीर हैं इसलिए सरकार को इसे आपातकाल घोषित करने में अब देरी नहीं करनी चाहिए।
