मजबूरी या कूटनीति? पाकिस्तान ने Donkey Meat Export को दी मंजूरी, ड्रैगन की धमकी के बाद पलटा फैसला
Donkey Meat Export: पाकिस्तान ने चीन के दबाव में गधे के मांस के निर्यात को फिर से मंजूरी दी है। चीनी कंपनी के काम बंद करने की चेतावनी के बाद प्रधानमंत्री शहबाज को दखल देना पड़ा।
- Written By: प्रिया सिंह
पाकिस्तान में गधे के मांस का निर्यात (सोर्स-सोशल मीडिया)
Pakistan Donkey Meat Export To China: पाकिस्तान की सरकार ने एक बार फिर से चीन के भारी दबाव और कूटनीतिक चेतावनी के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। ग्वादर में काम कर रही एक बहुत बड़ी चीनी कंपनी ने अपना पूरा व्यावसायिक परिचालन बंद करने की एक सख्त चेतावनी पाकिस्तान को दी थी। इस बेहद गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति को जल्द से जल्द संभालने के लिए खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय को सीधे दखल देना पड़ा। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने आनन-फानन में चीन को गधे के मांस के निर्यात को अपनी तरफ से अंतिम मंजूरी दे दी है।
पाकिस्तान का यह बहुत बड़ा और अहम फैसला पूरी तरह से भारी आर्थिक और कूटनीतिक दबाव के बीच लिया गया एक बड़ा कदम है। दरअसल शक्तिशाली चीन हमेशा से ही विदेशी कर्ज में बुरी तरह डूबे हुए कमजोर पाकिस्तान का सबसे बड़ा और प्रमुख व्यापारिक साझेदार देश माना जाता है। गधों के निर्यात से जुड़े इस पूरे विवाद का मुख्य संबंध ग्वादर में काफी लंबे समय से सक्रिय और स्थापित हानगेंग ट्रेड कंपनी से जुड़ा हुआ है। यह बड़ी चीनी कंपनी पाकिस्तान में एक बहुत बड़ा बूचड़खाना चलाती है और गधे का मांस तथा चमड़ा सीधे चीन को भारी मात्रा में निर्यात करती है।
निर्यात मंजूरी में भारी देरी
ग्वादर एक बहुत ही महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है जो हमेशा से पाकिस्तान में चीन समर्थित प्रमुख निवेश परियोजनाओं का सबसे बड़ा और मुख्य केंद्र माना जाता है। यहां चीनी कंपनी के लिए गधों के निर्यात से जुड़ी जरूरी सरकारी मंजूरियों में कई महीनों की बहुत लंबी देरी हो रही थी जिससे कंपनी काफी परेशान थी। प्रशासन की इस भयंकर देरी ने पाकिस्तान में लगातार आ रहे विदेशी निवेश को बुरी तरह प्रभावित करने वाली नौकरशाही की भारी बाधाओं पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
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चीन में गधे के मांस का उपयोग
पड़ोसी देश चीन में गधे के मांस और उसके मजबूत चमड़े का उपयोग मुख्य रूप से एक विशेष प्रकार की महंगी पारंपरिक औषधि बनाने के लिए किया जाता है। चीन के स्थानीय बाजारों में यह अनोखी पारंपरिक औषधि आमतौर पर लोगों की रक्तवर्धक और त्वचा संबंधी पुरानी बीमारियों की सभी समस्याओं को दूर करने के लिए बेची जाती है। इस खास पारंपरिक दवा की मांग चीन में हमेशा बहुत ज्यादा रहती है जिसकी वजह से वहां गधों का आयात पूरी दुनिया से भारी मात्रा में लगातार किया जाता है।
गंभीर आर्थिक संकट से लगातार जूझ रहा पड़ोसी देश पाकिस्तान मांस और चमड़े के लिए प्रतिवर्ष लगभग 216,000 गधे सीधे तौर पर चीन को निर्यात करता है। पाकिस्तानी सरकार के जारी किए गए ताजा आधिकारिक अनुमानों के अनुसार गधों के इस अनोखे व्यापार से देश के खजाने को हर साल बहुत ही भारी कमाई होती है।
गधों के इस बड़े निर्यात से पाकिस्तान को प्रति वर्ष लगभग 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर का बहुत ही भारी-भरकम और शानदार राजस्व बिना किसी परेशानी के आसानी से मिलता है।
