शेख हसीना को वापस लाने के लिए अब इंटरपोल की मदद लेगी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, क्या कामयाब हो पाएगा मोहम्मद यूनुस का प्लान
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इंटरपोल से रेड कॉर्नर को नोटिस अलर्ट जारी करने के लिए कह रही है। बांग्लादेश में छात्रों की अगुवाई वाले विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान 700 से अधिक लोग मारे गए थे।
- Written By: साक्षी सिंह
शेख हसीना Pic: Social Media
ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख हसीना को वापस लाने के लिए मशक्कत कर रहा है। यूनुस सरकार का कहना है। वह अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से वापस लाने और उनकी पार्टी के अन्य भगोड़े नेताओं को ढूंढने के लिए ग्लोबल पुलिस एजेंसी इंटरपोल की मदद लेगी।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार इंटरपोल से रेड कॉर्नर को नोटिस अलर्ट जारी करने के लिए कह रही है। बांग्लादेश में छात्रों की अगुवाई वाले विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान 700 से अधिक लोग मारे गए थे।
ये भी पढ़ें:-ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत पर गदगद हुए Pak पीएम, पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को शहबाज शरीफ ने दिया ये खास संदेश
सम्बंधित ख़बरें
Farakka Treaty: फरक्का संधि पर अड़ा बांग्लादेश, भारत से संबंध सुधारने के लिए रखी नई शर्त
Teesta River: तीस्ता विवाद पर बांग्लादेश ने थामी ड्रैगन की उंगली, भारत के लिए क्यों खड़ी हो सकती है नई मुसीबत?
…तो हिंदुओं को नहीं छोड़ेंगे, BJP की जीत से बौखलाया बांग्लादेशी मौलाना, तारिक सरकार से कर दी बड़ी मांग
बांग्लादेश में खसरे का तांडव! अब तक 400 से ज्यादा मौतें, क्या यूनुस सरकार की इस चूक ने छीन ली मासूमों की जान?
हसीना और अवामी लीग के अन्य फरार नेताओं पर आरोप है कि जुलाई अगस्त में हुए विरोध प्रदर्शनों के दमन का उन्होंने ही आदेश दिया था। नई अंतरिम सरकार ने हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप लगाए हैं।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की अगुवाई मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं। जिन्होंने व्यापक विरोध प्रदर्शनों के कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सरकार के पतन के बाद 8 अगस्त को सत्ता की बागडोर संभाली थी।
अवामी लीग का यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद से ये देश अभी तक शांत नहीं हो सका है। अब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग आज ढाका में मौजूदा अंतरिम सरकार के खिलाफ बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन के मूड में है। जिसे देखते हुए अंतरिम युनूस सरकार ने सेना को सड़कों पर उतार दिया है।
शेख हसीना की ताकत हो रोकने के लिए मोहम्मद यूनुस ने सेना की 191 टुकड़ियों को तैनात की। इस बीच ढाका में अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर पुलिस ने सख्ती बरती है। उनके विरोध प्रदर्शन के पहले शेख हसीना के सैकड़ों समर्थकों को अरेस्ट कर लिया गया है।
ये भी पढ़ें:-7 स्विंग स्टेट्स पर अब ट्रंप का कब्जा, 1996 में बिल क्लिंटन के बाद एरिजोना से जीत दर्ज करने वाले बने पहले डेमोक्रेट
बता दें कि बांग्लादेश साल 2024 के जुलाई महीने से अशांत है। इस तरह से देखें तो पांच महीने होने को हैं। इस बीच कई प्रत्याशित घटनाएं घटीं। जिसे देख पूरी दुनिया हतप्रथ रही। पड़ोसी देश भारत समेत तमाम देशों से लेकर अमेरिका तक की प्रतिक्रियाएं आईं। लेकिन स्थितियां अभी तक सामान्य नहीं हो पाई हैं।
