जल्दी छोड़ो दिल्ली…बांग्लादेश ने उच्चायुक्त को रातों रात बुलाया वापस, क्या चाहते हैं यूनुस?
Bangladesh News: 2025 में भारत-बांग्लादेश संबंध तनावपूर्ण रहे। राजनीतिक अस्थिरता और हसीना की अनुपस्थिति के बीच द्विपक्षीय संवाद कमजोर हुआ, बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को ढाका बुलाया गया।
- Written By: अक्षय साहू
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bangladesh High Commissioner Left India: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल ही में कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। इसी वजह से बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को भारत ने विदेश मंत्रालय के आपात बुलावे पर ढाका भेजा। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें द्विपक्षीय संबंधों की हालिया स्थिति पर चर्चा के लिए तुरंत बुलाया गया। माना जा रहा है कि बांग्लादेश राजनीतिक अस्थिरता इसका मुख्य कारण है।
2025 में दोनों देशों के रिश्तों में गिरावट देखी गई। बांग्लादेश राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के आरोपों से जूझ रहा है। पिछले साल अगस्त में सरकार-विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना सत्ता से बाहर हो गईं और भारत चली गईं। इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक कार्रवाई के लिए इस साल एक न्यायाधिकरण ने हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड दिया।
भारत ने सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
इस दौरान, ढाका ने भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को कई बार तलब किया, जबकि भारत ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को केवल एक बार बुलाया और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। बांग्लादेश के राजनीतिक बदलाव ने कूटनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया। अवामी लीग सरकार से हटकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में देश की विदेश नीति में स्पष्ट दिशा नहीं थी।
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विशेषज्ञों के अनुसार, यूनुस सरकार के समय वैश्विक ताकतों की सीमित रुचि के कारण बांग्लादेश कूटनीतिक रूप से कमजोर और दिशाहीन हो गया। इस वजह से 2025 को बांग्लादेश के लिए “गायब साल” कहा गया। प्रमुख दूतावासों का संपर्क ज्यादातर भविष्य की सरकार बनाने वाले दलों से रहा, बजाय अंतरिम प्रशासन से।
रिश्तें सुधारना चाहता है दिल्ली
पूर्व राजदूत महफूजुर रहमान का कहना है कि दिल्ली ने रिश्तों सुधारने के लिए नरमी और परिपक्वता दिखाई, लेकिन ढाका ने इस अवसर का लाभ नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का रवैया घरेलू राजनीतिक दबावों को ध्यान में रखकर अपरिपक्व दिखाई दिया।
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साल के अंत में भारत-विरोधी ताकतों का उभार और आगामी आम चुनाव (12 फरवरी 2026) ने स्थिति को और जटिल बना दिया। राजनीतिक हिंसा बढ़ी और क्षेत्र में चिंता बढ़ी। इस तरह बांग्लादेश-भारत संबंध इस साल राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों की वजह से तनावपूर्ण बने रहे। उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को ढाका बुलाने का कदम इसी तनाव और द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा करने के लिए उठाया गया है।
