शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय का दावा, Bangladesh बना पाकिस्तान, भारत उग्रवाद को लेकर रहे सतर्क
Bangladesh Became Pakistan: जॉय ने चेतावनी दी है कि मुहम्मद यूनुस के शासन में बांग्लादेश अब दूसरा पाकिस्तान बन चुका है। उन्होंने भारत को सतर्क रहने को कहा, क्योंकि देश में उग्रवाद बढ़ रहा है।
- Written By: प्रिया सिंह
शेख हसीना और उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय (सोर्स- सोशल मीडिया)
Joy Warns India That Bangladesh Became Pakistan: दो साल के लंबे निर्वासन के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय ने अपना पहला बड़ा सार्वजनिक संबोधन दिया है। इस दौरान दोनों नेताओं ने वर्तमान अंतरिम सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में उग्रवादी तत्वों को खुला संरक्षण मिल रहा है जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
हसीना ने नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दक्षिण एशिया के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब को संबोधित किया, जबकि जॉय अमेरिका से इसमें शामिल हुए। दोनों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश का वर्तमान राजनीतिक रुख तेजी से पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। जेलों से प्रतिबंधित उग्रवादियों को रिहा किया जाना पूरे क्षेत्र की शांति के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।
भारत के लिए उग्रवाद की बड़ी चेतावनी
साजीब वाजेद जॉय ने स्पष्ट चेतावनी दी कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश अब ‘दूसरा पाकिस्तान’ बन चुका है जो भारत के लिए अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने याद दिलाया कि शेख हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत-विरोधी तत्वों और उग्रवादियों पर हमेशा बेहद सख्त कार्रवाई की थी। परंतु अगस्त 2024 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से वहां की स्थिति बदल चुकी है।
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ढाका में सरकार बदलने के बाद से बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और राजनयिक संबंध फिर से बहाल होने की खबरें आ रही हैं। जॉय ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले हिंसक प्रदर्शनकारियों को खुली छूट दी गई है जिससे उन पर कानूनी मुकदमा नहीं चलाया जा सका। इस तरह की रियायतें देश के भीतर उग्रवाद को संस्थागत रूप दे रही हैं।
चरमराती अर्थव्यवस्था और मौतों का बड़ा विवाद
हसीना के पूर्व आईसीटी सलाहकार जॉय ने दावा किया कि नए शासन में देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और देश मनमानी करने वाला यानी ‘रोग स्टेट’ बनने की राह पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि हसीना के हटने के बाद भी पुलिस हिरासत में बर्बर हत्याएं लगातार जारी रहीं और वर्तमान सरकार ने 5 अगस्त 2024 से राजनीतिक हत्याओं को कानूनी मान्यता दे दी है।
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जॉय ने जुलाई-अगस्त 2024 के हिंसक विरोध प्रदर्शनों में हुई मौतों के आंकड़ों में आए भारी अंतर पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने जहां कुल 1,400 मौतों का दावा किया था, वहीं अंतरिम सरकार ने केवल 800 मौतें दर्ज की हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से अपील की कि वह सच्चाई उजागर करे और पूछे कि बाकी बचे 600 लोग कौन थे।
