बलूचिस्तान आई बाढ़, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Balochistan Rain Disaster: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत इस समय कुदरत के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश और उसके बाद अचानक आई बाढ़ ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम सात लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। बाढ़ ने न केवल इंसानी जिंदगियों को निशाना बनाया है, बल्कि बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे, मवेशियों और तैयार फसलों को भी नष्ट कर दिया है।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, बलूचिस्तान के कई जिलों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। कच्छी, नसीराबाद, झाल मग्सी, डेरा बुगती, सिबी, हरनाई, कोहलू, तुर्बत, जाफराबाद, लोरलाई और बोलन जैसे जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। मौतों के कारणों में बिजली गिरना छत गिरना और पानी में बह जाना शामिल है।
लोरलाई और कच्छी में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि कोहलू और लोरलाई में क्रमशः छत और दीवार गिरने से दो अन्य लोगों ने जान गंवाई। जाफराबाद में एक बच्चा डूब गया और केच में दो लोग पानी के तेज बहाव में बह गए।
बाढ़ के कारण बलूचिस्तान की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों का संपर्क टूट गया है। हरनाई-क्वेटा और क्वेटा-संजावी नेशनल हाईवे के कई हिस्से पानी में बह गए हैं। झाल मग्सी में गंडावाह-नोटल रोड ब्लॉक हो जाने से आवाजाही पूरी तरह ठप है। कृषि क्षेत्र को भी गहरा झटका लगा है; लगभग 400 एकड़ खेती की जमीन पानी में डूब गई है और सरसों, गेहूं तथा चने जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों की संख्या में मवेशी मारे गए हैं जिससे किसानों की कमर टूट गई है।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पीडीएमए और जिला प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किला अब्दुल्ला में एक बड़ा हादसा तब टल गया जब बाढ़ के पानी में फंसी एक मिनी-कोच से 15 महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। कच्छी के गोथ ताज हबीब और गोथ बलूचनी में अभी भी बचाव कार्य जारी है और क्षतिग्रस्त बांधों की मरम्मत की जा रही है।
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बलूचिस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत भी बारिश की मार झेल रहा है। वहां 25 मार्च से जारी बारिश के कारण हुए हादसों में कम से कम 17 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें 14 बच्चे शामिल हैं। बन्नू जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है जहां अकेले आठ लोगों की जान गई है। पूरे क्षेत्र में जारी इस आपदा ने पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन तंत्र के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।