बलूचिस्तान में स्कूल के बाहर महिला शिक्षिका की गोली मरकर हत्या (सोर्स- सोशल मीडिया)
Female teacher shot dead Sibi Balochistan: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिबी इलाके में एक महिला शिक्षिका की स्कूल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने इस वारदात को तब अंजाम दिया जब शिक्षिका अल्लाहाबाद गर्ल्स हाई स्कूल पहुंच रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। यह घटना बलूचिस्तान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के बीच हुई है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने शिक्षिका पर बेहद नजदीक से गोलियां चलाईं, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षिका सिबी के एक प्रभावशाली कबीलाई परिवार से ताल्लुक रखती थीं और सरदार नूर अहमद बंगुलजई की करीबी रिश्तेदार थीं।
यह जघन्य हत्या ऐसे समय में हुई है जब बलूचिस्तान में बलूच महिलाओं के जबरन गायब होने के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाल ही में पंजगुर निवासी फातिमा को सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद से उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मिली है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि अब बलूचिस्तान में न केवल पुरुष बल्कि महिलाएं भी सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आ रही हैं।
एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में कम से कम 12 महिलाओं को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों द्वारा कथित तौर पर गायब किया गया है। इन पीड़ितों में नाबालिग लड़कियां और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में मानवाधिकारों की दयनीय स्थिति को उजागर करती हैं। बलूच यकजहती कमेटी ने इस प्रवृत्ति को ‘खतरनाक’ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की अपील की है।
दिसंबर 2025 के अंत में केच जिले से आठ महीने की गर्भवती हानी बलूच और उनके परिवार के तीन सदस्यों के जबरन गायब किए जाने का मामला चर्चा में रहा। मानवाधिकार संगठनों ने ‘टू लाइव्स एट रिस्क’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया कि कैसे समन्वित कार्रवाइयों के जरिए परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि बलूचिस्तान में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है, चाहे वह शिक्षिका हो या आम नागरिक।
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शिक्षिका की हत्या और महिलाओं की लगातार गुमशुदगी ने स्थानीय निवासियों और कबीलाई नेताओं के बीच भारी गुस्से को जन्म दिया है। लोग न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और पाकिस्तान सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। अगर प्रशासन ने जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया और दोषियों को नहीं पकड़ा, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और उग्र हो सकते हैं।