काठमांडू के मेयर बालेन शाह का बड़ा दांव; इस्तीफा देकर केपी शर्मा ओली को दी चुनौती, बनेंगे PM उम्मीदवार
Balen Shah Resignation: काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया है। वह RSP में शामिल होकर पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
केपी शर्मा ओली और बालेन शाह, कॉन्सेप्ट फोटो
Nepal News In Hindi: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। काठमांडू के चर्चित मेयर बालेन शाह ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। बालेन अब 5 मार्च को होने वाले आगामी संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की ओर से प्रधानमंत्री पद के मुख्य चेहरे के रूप में ताल ठोकेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बालेन करीब तीन हफ्ते पहले ही पार्टी में शामिल होने का मन बना चुके थे लेकिन मेयर पद छोड़ने के बाद अब वे औपचारिक रूप से पार्टी का हिस्सा बन गए हैं। विशेष बात यह है कि RSP ने बालेन शाह को आगामी चुनाव के लिए अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
ओली के गढ़ में बड़ी चुनौती
बालेन शाह ने नेपाल की राजनीति के दिग्गज नेता और चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को उनके अपने गढ़ में चुनौती देने का फैसला किया है। बालेन पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। यह क्षेत्र लंबे समय से ओली और उनकी पार्टी का मजबूत किला माना जाता है। बालेन के इस कदम ने नेपाल के आगामी संसदीय चुनाव को बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
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इस्तीफा देना क्यों था अनिवार्य?
नेपाल के चुनावी कानूनों के अनुसार, यदि कोई भी वर्तमान निर्वाचित प्रतिनिधि संसदीय चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे पहले अपने वर्तमान पद से इस्तीफा देना होता है। इसी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए बालेन ने अपना कार्यकाल पूरा होने से साढ़े एक साल पहले ही पद छोड़ दिया। उन्होंने साल 2022 के स्थानीय चुनावों में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में बड़े-बड़े राजनीतिक दलों को हराकर जीत हासिल की थी, जिससे उनकी लोकप्रियता का ग्राफ काफी बढ़ गया था।
Gen-Z का समर्थन और राजनीतिक सफर
बालेन शाह की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं (Gen-Z) के विरोध के कारण केपी शर्मा ओली को 9 सितंबर को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था तब युवाओं ने बालेन से कार्यवाहक सरकार संभालने की अपील की थी। हालांकि, बालेन ने तब कार्यवाहक पीएम बनने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि वे एक पूर्ण चुनाव लड़कर लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के शीर्ष पर पहुंचना चाहते हैं।
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अन्य मेयर भी रेस में शामिल
बालेन शाह के अलावा नेपाल के कुछ अन्य लोकप्रिय मेयर भी राष्ट्रीय राजनीति में कदम रख रहे हैं। भरतपुर की मेयर रेणु दाहाल और धरान के मेयर हरका साम्पांग ने भी 5 मार्च के संसदीय चुनावों में उतरने के लिए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
