Tik Tok पर एक और देश ने लगाया बैन, बताया समाज के लिए समस्या
चीन का लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक अब अल्बानिया में भी बंद किया जा रहा है। इससे पहले भारत सरकार ने जून 2020 में टिकटॉक सहित 58 अन्य ऐप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए बैन कर दिया था।
- Written By: शिवानी मिश्रा
Tik Tok (कांसेप्ट फोटो सौ. सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : चीन का लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप टिक-टॉक अब अल्बानिया में भी बंद किया जा रहा है। अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा ने एलान की है कि उनके देश में 2025 से कम से कम एक साल के लिए टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। पीएम रामा ने कहा है कि ऐप पर केवल गंदगी और अव्यवस्था दिखाई देती है और यह बच्चों और समाज के लिए समस्या बन गई है।
इसके साथ ही अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा ने तिराना में शिक्षकों, अभिभावकों और मनोवैज्ञानिकों के साथ बैठक की, और इस बैठक में उन्होंने कहा कि हम टिकटॉक को एक साल के लिए अपने देश से बाहर कर देंगे।
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टिकटॉक पर हमें केवल गंदगी और अव्यवस्था आती है नजर
इसके बजाय सरकार छात्रों की शिक्षा के लिए नए कार्यक्रम शुरू करेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चीन में टिकटॉक का इस्तेमाल शिक्षा और पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारी देने के लिए किया जाता है जैसे कि छात्रों को पाठ्यक्रम की जानकारी देना और पारंपरिक मूल्यों की रक्षा कैसे की जा सकती है। पीएम रामा ने कहा कि- चीन के बाहर टिकटॉक पर हमें केवल गंदगी और अव्यवस्था नजर आती है जिससे बच्चों और समाज को नुकसान हो रहा है। ये बयान उस समय आया जब तिराना में सोशल मीडिया पर हुए टकराव में एक 14 वर्षीय छात्र की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सोशल नेटवर्किंग ऐप्स के प्रभाव पर देश में चर्चा शुरू हो गई है।
भारत में टिकटॉक पहले ही बैन किया जा चुका है। और भारत सरकार ने जून 2020 में टिकटॉक सहित 58 अन्य ऐप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए बैन कर दिया था। इसके अलावा अफगानिस्तान, ईरान, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस, यूके, कनाडा, न्यूजीलैंड, ताइवान, फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क, माल्टा, नॉर्वे, और लातविया जैसे देशों ने भी टिकटॉक को बैन कर दिया है।
अमेरिका के कुछ सांसदों ने भी टिकटॉक को ब्लॉक करने की मांग की है। भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति समेत दो अमेरिकी सांसदों ने एपल और गूगल से कहा था कि वे अपने ऐप स्टोर से टिकटॉक को हटा दें। इस तरह से कई देशों में टिकटॉक को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है और कई देशों ने इसे प्रतिबंधित कर दिया है।
