सात साल बाद वेनेज़ुएला में अमेरिकी दूतावास दोबारा खुला (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Embassy in Venezuela: अमेरिका इन दिनों ईरान के साथ एक गंभीर संघर्ष में उलझा हुआ है, जिसमें उसके कई सैनिक शहीद हो चुके हैं। इसी बीच ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इन सब घटनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक राहत भरी खबर आई है।
वेनेज़ुएला में अमेरिकी दूतावास पर 2019 के बाद पहली बार अमेरिकी झंडा फहराया गया। यह कदम दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए बदलाव को दर्शाता है, जो जनवरी में अमेरिकी सैनिकों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद देखने को मिला।
अमेरिकी दूतावास ने जारी किया बयान
दूतावास को दोबारा खोलने का यह निर्णय डोनाल्ड ट्रंप के कई बयानों के बाद आया, जिनमें उन्होंने मादुरो की उत्तराधिकारी, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का समर्थन किया। डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिकी सरकार के साथ संवाद जारी रखने की कोशिश की। अमेरिकी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया चैनलों पर एक बयान जारी करते हुए कहा, “झंडा ठीक सात साल बाद फहराया गया, जब इसे उतारा गया था।”
दूतावास के पुनः खुलने पर स्थानीय लोगों की नजर तुरंत इस पर गई। काराकास की निवासी लूज वेरोनिका लोपेज ने कहा, “यह वास्तव में एक अच्छी पहल है और खुशी की बात है। दूसरे देशों को भी लौटना चाहिए, क्योंकि हमें प्रगति की ज़रूरत है। बाकी दुनिया के साथ अच्छे संबंध बनाकर आगे बढ़ना आवश्यक है।”
काराकास के एक और निवासी, एलेसेंड्रो डि बेनेडेटो ने इस मौके पर सकारात्मक माहौल का अनुभव किया। उन्होंने कहा, “मैंने कई लोगों को आश्चर्यचकित और खुश देखा, क्योंकि आज दूतावास पर अमेरिकी झंडा फहराया गया। यह एक सकारात्मक कदम है।”
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हालांकि, इस पहल के बावजूद वेनेज़ुएला के समाज और राजनीतिक व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा ट्रंप का आलोचक बना हुआ है। वे उनके उस निर्णय की निंदा करते हैं, जिसमें ट्रंप ने मादुरो को पद से हटाया और उनकी पत्नी के साथ उन्हें न्यूयॉर्क में हिरासत में लिया, साथ ही देश के तेल उद्योग में अमेरिकी प्रभाव बढ़ने की आलोचना करते हैं। तीन जनवरी 2026 को अमेरिका ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व के तहत सैन्य कार्रवाई की, जिसमें वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलम मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाया गया।