अमेरिका में बर्फीले ने मचाई भारी तबाही, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Mississippi Ice Storm News In Hindi: अमेरिका के पूर्वोत्तर क्षेत्र में इन दिनों आइसक्वेक यानी हिम भूकंप और भीषण बर्फीले तूफान ने भारी तबाही मचा रखी है। लगातार हो रही भारी बर्फबारी और तेज ठंडी हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
तूफान के अंतिम चरण में हालात और भी गंभीर हो गए हैं। कई इलाकों में रिकॉर्ड स्तर की बर्फबारी दर्ज की गई है वहीं दक्षिणी हिस्सों में जमा देने वाली बारिश ने सड़कों को फिसलन भरा बना दिया है। इसके चलते यातायात व्यवस्था ठप हो गई है।
बर्फीले तूफान का सबसे बड़ा असर उड़ानों पर पड़ा है। सोमवार को 8,000 से अधिक उड़ानें या तो रद्द कर दी गईं या उनमें भारी देरी हुई। विमानन विश्लेषण कंपनी ‘सिरीअम’ के अनुसार, रविवार को अमेरिका की 45 प्रतिशत उड़ानें रद्द रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गई हैं।
अर्कांसस से न्यू इंग्लैंड तक लगभग 2,100 किलोमीटर का क्षेत्र एक फुट से अधिक बर्फ की चादर में ढका हुआ है। पिट्सबर्ग के उत्तरी इलाकों में 20 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है और यहां तापमान शून्य से 31 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। कड़ाके की ठंड के बीच बिजली संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है सोमवार दोपहर तक देश के 7,50,000 से अधिक ठिकानों पर बिजली गुल रही।
मिसिसिपी राज्य 1994 के बाद के सबसे भीषण बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मिसिसिपी विश्वविद्यालय ने अपने ऑक्सफोर्ड परिसर की कक्षाएं पूरे सप्ताह के लिए रद्द कर दी हैं। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने चेतावनी दी है कि ठंड और बर्फबारी का यह सिलसिला अभी जारी रह सकता है।
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प्रशासन ने आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से जारी हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे बिना ज़रूरत घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।