‘सावधान रहो, कहीं तुम ही न निपट जाओ’, ईरान के लारीजानी ने दी ट्रंप को दी धमकी, हॉर्मुज पर आमने-सामने दोनों देश
Iran US War: ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हॉर्मुज में दखल देने पर अमेरिकी राष्ट्रपति खुद 'निपट' सकते हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान के लारीजानी ने दी ट्रंप को दी धमकी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Strait of Hormuz Tension: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच जुबानी जंग अब एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार (10 मार्च, 2026) को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और देश के दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माने जाने वाले अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर ललकारा है।
लारीजानी ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी “खोखली धमकियों” से ईरानी लोगों को डरा नहीं सकते और उन्हें खुद के वजूद को लेकर सावधान रहना चाहिए।
लारीजानी का पलटवार
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में चेतावनी दी थी कि अगर ईरान Strait of Hormuz से किसी भी तेल टैंकर या जहाज को गुजरने से रोकता है, तो उस पर अब तक की तुलना में 20 गुना ज्यादा तेजी और ताकत से हमला किया जाएगा। ट्रंप के इस पोस्ट को रिट्वीट करते हुए लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘आशूरा से प्रेम करने वाले ईरानी लोग तुम्हारी खोखली धमकियों से नहीं डरते। तुमसे भी बड़े लोग इसे मिटाने में नाकाम रहे हैं, इसलिए सावधान रहो, कहीं तुम ही न निपट जाओ।’
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الشعب الإيراني العاشورائي لا يخشى تهديداتكم الجوفاء؛
فقد عجز الأكبر منكم عن محوه…
فاحذروا أن تكونوا أنتم من يزول. pic.twitter.com/dmxd4kKTmi — Ali Larijani | علی لاریجانی (@alilarijani_ir) March 10, 2026
सैनिकों को पकड़ने और मौत का दावा
इससे पहले 7 मार्च को लारीजानी ने सनसनीखेज दावा किया था कि ईरान ने कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बना लिया है और वे उनकी जेलों में हैं। उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन अपने सैनिकों की मौत का सही आंकड़ा छिपा रहा है। लारीजानी के अनुसार, ईरान के हमलों में अब तक कम से कम 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, हालांकि अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह से गलत करार दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ‘हॉर्मुज’ का दबाव
ईरान वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही को लगभग ठप कर चुका है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20% तेल व्यापार के लिए जीवन रेखा माना जाता है। ईरान की रणनीति स्पष्ट है कि तेल के ढांचे पर हमला कर दुनिया में आर्थिक दबाव पैदा किया जाए ताकि अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकने पर मजबूर हों।
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व्यापारिक जहाजों पर हमले
इस तनाव के कारण कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें सोमवार को 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची थीं, जो युद्ध शुरू होने के समय से लगभग 24% ज्यादा है। जहां राष्ट्रपति ट्रंप इस युद्ध को एक ‘छोटा अभियान’ बता रहे हैं, वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के मुताबिक, इस क्षेत्र में अब तक व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में सात नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं।
