

AIIB Summit Infrastructure Development Plan: एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) का 11वां वार्षिक सम्मेलन कतर की राजधानी दोहा में आयोजित हुआ। यह सम्मेलन AIIB के पहले दशक की सफल विकास यात्रा पूरी होने के बाद आयोजित पहला वार्षिक सम्मेलन है।
साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह AIIB का पहला ऐतिहासिक वार्षिक सम्मेलन भी बन गया है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय 'भविष्य के लिए बुनियादी ढांचा: प्रभाव और नवाचार' रखा गया था।
सम्मेलन दौरान दुनिया भर से आए प्रतिनिधियों ने सतत विकास और बहुपक्षीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया। वर्ष 2016 में 57 संस्थापक सदस्यों से शुरू हुए इस बैंक के सदस्यों की संख्या अब बढ़कर 111 हो गई है।
कतर की राजधानी दोहा में 28 व 29 सितंबर को आयोजित यह सम्मेलन ऐतिहासिक सिद्ध हुआ। AIIB के दस वर्षों का सफर पूरा होने पर आयोजित इस बैठक में विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने सतत विकास व बहुपक्षीय सहयोग पर बल दिया। 'भविष्य के लिए बुनियादी ढांचा: प्रभाव और नवाचार' विषय के तहत नई तकनीकों पर सहमति बनी। अपने पहले दशक की यात्रा दौरान AIIB ने बुनियादी ढांचे के विकास में बड़ी भूमिका निभाई।
वर्ष 2016 में 57 संस्थापक सदस्यों से शुरू इस बैंक के सदस्यों की संख्या अब 111 हो चुकी है। पहले दस वर्षों में बैंक ने 79 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के वित्तपोषण को मंजूरी दी। इस राशि से दुनिया भर में 400 से ज्यादा महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को समर्थन मिला।
आने वाले नए दशक के लिए AIIB की महाप्रबंधक चो च्यायी ने बैंक की कार्ययोजना पेश की। उन्होंने कहा कि बैंक की अगली यात्रा में प्रभाव, नवाचार और ईमानदारी तीन मुख्य विचार होंगे। AIIB की योजना है कि वर्ष 2030 तक सालाना स्वीकृत वित्तपोषण की राशि को दोगुना किया जाए।
इसके तहत वर्ष 2030 तक वार्षिक वित्तपोषण बढ़ाकर लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचाया जाएगा। सालाना वित्तपोषण दोगुना होने से सदस्य देशों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार होगा। महाप्रबंधक चो च्यायी अनुसार यह वित्तीय विस्तार विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को नई मजबूती देगा।
पारदर्शी नीतियों व नवाचार पर आधारित दृष्टिकोण से परियोजनाओं का काम तेजी से होगा। वित्तीय संसाधनों के विस्तार से सदस्य देशों की दीर्घकालिक विकास आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।
भविष्य की परियोजनाओं में जलवायु लचीलापन, अक्षय ऊर्जा व डिजिटल बदलाव को प्राथमिकता मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय संपर्क, प्रकृति संरक्षण और जन कल्याण से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश से विकासशील देशों को पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। हरित ऊर्जा व डिजिटल तकनीक में निवेश से सदस्य देशों में समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। AIIB अपने सभी 111 सदस्य देशों के दीर्घकालीन व सतत आर्थिक विकास को समर्थन देता रहेगा।
स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण से स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। दोहा सम्मेलन की सफलता ने साबित किया कि AIIB बहुपक्षीय सहयोग का मजबूत स्तंभ है। बैंक अपनी नीतियों से आने वाले दशकों में दुनिया को हरित विकास की ओर ले जाएगा।