तालिबान को करारा जवाब! इंजेक्शन से चेहरा सुंदर बनवा रहीं अफगान महिलाएं, बोटोक्स अंडर बुर्का ट्रेंड
Afghanistan: अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बीच महिलाओं में बोटॉक्स और फेसलिफ्ट जैसी कॉस्मेटिक सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जबकि देश में ब्यूटी पार्लर पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा हुआ है।
- Written By: अक्षय साहू
अफगानिस्तान में बढ़ा बोटोक्स का ट्रेंड (फोटो- सोशल मीडिया)
Botox Under Burqa: अफगानिस्तान से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश में कॉस्मेटिक सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अफगानिस्तान में इस समय तालिबान का कट्टरपंथी शासन चल रहा है। जहां महिलाओं को सीमित चीजों की छूट है। ऐसे में देश में कॉस्मेटिक सर्जरी का चलन बढ़ना किसी अजूबे से कम नहीं है। क्योंकि अफगानिस्तान ब्यूटी पार्लर पर आधिकारीक तौर पर प्रतिबंध है।
जानकारी के मुताबिक, काबुल में करीब 20 कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक काम कर रहे हैं, जो बोटॉक्स यानी झुर्रियों को कम करने वाले इंजेक्शन, फेसलिफ्ट यानी चेहरे की ढीली त्वचा को कसने की प्रक्रिया, और हेयर ट्रांसप्लांट जैसी सेवाएं दे रहे हैं। इन क्लिनिकों में पुरुष और महिलाएं दोनों ही इलाज के लिए आते हैं। पुरुष अक्सर गंजेपन के इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि महिलाएं, जो आमतौर पर बुर्का पहनती हैं, फेसलिफ्ट और बोटॉक्स जैसी प्रक्रियाएं करवा रही हैं।
2023 में तालिबान ब्यूटी पार्लर पर लगाया था बैन
जुलाई 2023 में तालिबान ने देशभर के ब्यूटी पार्लर और हेयर सैलून को बंद करवा दिया था। उस समय सिर्फ काबुल में ही 12 हजार से ज्यादा सैलून थे, जो महिलाओं के लिए न सिर्फ कमाई का जरिया थे, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी थे।
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तालिबान ने इन सैलूनों को अनैतिक बताकर बंद करवा दिया, जिससे हजारों महिलाओं की आजीविका पर असर पड़ा। इसके उलट, कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिकों को मेडिकल ट्रीटमेंट यानी चिकित्सा के दायरे में माना गया है। इसी वजह से तालिबान की सख्ती इन पर लागू नहीं होती।
क्लिनिक स्टाफ का कहना है कि सरकार सीधे हस्तक्षेप नहीं करती, हालांकि पुलिस यह जरूर देखती है कि पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग नर्सिंग स्टाफ मौजूद हो। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि तालिबान के कुछ सदस्य खुद भी इन क्लिनिकों में इलाज करवाने आते हैं।
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तुर्किए कर रहा है मदद
जानकारी के मुताबिक, इन क्लिनिकों की बढ़ावा मिलने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भी भूमिका है। तुर्किए जैसे देशों से डॉक्टर आकर अफगान विशेषज्ञों को ट्रेनिंग दे रहे हैं, और कई अफगान डॉक्टर इस्तांबुल जैसे शहरों में इंटर्नशिप कर रहे हैं। क्लिनिकों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण एशिया और यूरोप से लाए जाते हैं।
