वॉशिंगटन डीसी के पास पड़ा गया अफगान आतंकी…ISIS-K से है कनेक्शन, पिता को भेजे थे हथियार
US News: अमेरिका ने अफगानिस्तान से आए ISIS-K समर्थक जान शाह साफी को वॉशिंगटन डीसी के पास गिरफ्तार किया। वह बिना कड़ी जांच के अमेरिका में प्रवेश कर चुका था।
- Written By: अक्षय साहू
सांकेतिक तस्वीर
US Arrest Afghan Terrorist: अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने बुधवार को बताया कि अफगानिस्तान से आए एक संदिग्ध आतंकवादी को वॉशिंगटन डीसी के पास गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) की टीम ने की। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान जान शाह साफी के रूप में हुई है, जो बिना कड़ी जांच के अमेरिका में दाखिल हुआ था।
होमलैंड सिक्योरिटी के मुताबिक, जान शाह साफी इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया-खोरासान (ISIS-K) का समर्थक है। उस पर आरोप है कि उसने आतंकवादी संगठन को मदद दी और अपने पिता को हथियार मुहैया कराया था। बताया जा रहा है कि उसके पिता अफगानिस्तान में एक मिलिशिया समूह के कमांडर हैं।
अमेरिका में गहराया इमिग्रेशन संकट
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब जो बाइडेन प्रशासन की अफगान नीति पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर कहा कि बाइडेन प्रशासन ने अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा संकटों में से एक को जन्म दिया। विभाग ने यह भी कहा कि लगभग 1 लाख 90 हजार अफगान नागरिकों को बिना कड़ी जांच के अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। इन लोगों की पहचान और मंशा की जांच तब की गई, जब वे अमेरिका पहुँच चुके थे।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2021 से इस गंभीर और अनियंत्रित राष्ट्रीय सुरक्षा संकट को ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।गिरफ्तारी के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां जान शाह साफी से पूछताछ कर रही हैं और जांच जारी है। इससे पहले, व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड के दो जवानों पर हमला करने वाले आरोपी की भी पहचान अफगान शरणार्थी रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई थी। लकनवाल बाइडेन प्रशासन के ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका आया था।
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अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अफगान शरणार्थियों के अमेरिका में प्रवेश की प्रक्रिया और उनकी पृष्ठभूमि की जांच पर ध्यान देने की जरूरत है। अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके। इसके अलावा एंजेंसियों ने सीमा पर सुरक्षा और जांच को और बढ़ा दिया है।
