Abraham Accord: अब्राहम समझौता और पाकिस्तान का पासपोर्ट; जानिए इस डील के बाद क्या और क्यों बदलना पड़ेगा
Abraham Accord Pakistan Update: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान पर दबाव में आकर अब्राहम समझौता साइन करता है, तो उसे अपने पासपोर्ट से इजरायल पर लगे यात्रा प्रतिबंध को हटाना होगा।
- Written By: प्रिया सिंह
मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Implications Of Abraham Accord Pakistan: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान और खाड़ी देशों पर अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने का भारी दबाव डाल रहे हैं। इस ऐतिहासिक समझौते का उद्देश्य इजरायल और अरब देशों के बीच पुरानी दुश्मनी को खत्म करना है। पाकिस्तान ने इसे अपनी विचारधारा के खिलाफ बताकर खारिज किया है और फिलिस्तीन राज्य की मांग दोहराई है।
ट्रंप के दबाव और सऊदी अरब पर निर्भरता के कारण भविष्य में इस समझौते पर हस्ताक्षर की संभावनाएं बनी हुई हैं। अगर पाकिस्तान कभी भी इजरायल के साथ इस समझौते के तहत अपने राजनयिक संबंध स्थापित करता है, तो उसे बड़ा बदलाव करना होगा। नए संबंधों के बाद पाकिस्तानी सरकार को अपने पासपोर्ट से इजरायल यात्रा का प्रतिबंध हमेशा के लिए हटाना पड़ेगा।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इस समझौते की बहुत कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के शब्दों पर एक दिन भी भरोसा नहीं किया जा सकता, उनके साथ पाकिस्तान बिल्कुल कैसे बैठेगा। पाकिस्तान की सरकार फिलहाल फिलिस्तीन के समर्थन में है और समझौते से साफ इनकार कर रही है।
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जानकारों का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान अपनी खराब स्थिति के कारण सऊदी अरब और अमेरिका की आस में बैठा हुआ है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान पर लगातार अपना भारी कूटनीतिक दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में अगर पाकिस्तान ट्रंप के प्रेशर के आगे घुटने टेकता है, तो उसे समझौते की सभी शर्तें माननी पड़ेंगी।
पासपोर्ट का नियम
वर्तमान में हर पाकिस्तानी पासपोर्ट के अंदर स्पष्ट रूप से एक विशेष और कड़ी चेतावनी वाली लाइन लिखी होती है। यह लाइन कहती है कि यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी अन्य देशों के लिए पूरी तरह से मान्य है। इजरायल के साथ किसी भी तरह के राजनयिक संबंध ना होने के कारण यह यात्रा प्रतिबंध लंबे समय से लागू है।
अगर भविष्य में कभी पाकिस्तान इस अब्राहम समझौते का आधिकारिक हिस्सा बनता है, तो उसे अपना पासपोर्ट अनिवार्य रूप से बदलना पड़ेगा। इजरायल को मान्यता देने के बाद नए पासपोर्ट से ‘इजरायल को छोड़कर’ वाली लाइन पूरी तरह से हटानी होगी। यह एक बहुत बड़ा राजनयिक कदम होगा जो पाकिस्तान की दशकों पुरानी विदेश नीति को पूरी तरह बदल देगा।
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क्या है यह समझौता
अब्राहम समझौता अमेरिका की मध्यस्थता में साल 2020 में हुआ एक बहुत ही ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण शांति समझौता है। इसका मुख्य मकसद मध्य पूर्व में शांति लाना, ईरान के प्रभाव को रोकना और इजरायल के रिश्ते सामान्य करना है। यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थिरता और अमन-चैन स्थापित करने के लिए एक नए क्षेत्रीय समीकरण की मजबूत शुरुआत है।
