चीन और जापान में छिड़ सकता है युद्ध…एक महीने में 53 बार आमने-सामने हुए दोनों देशों के फाइटर जेट
Japan and China : ईरान और अमेरिका में दुनिया व्यस्त है। जापान और चीन भिड़ंत चल रही है। जापानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार दिसंबर में एयर डिफेंस फोर्स को विदेशी विमानों को रोकने के लिए 79 बार उड़ाने भरनी।
- Written By: रंजन कुमार
आसमान में दोनों देशों के फाइटर जेट। इमेज-एआई
Japan and China Tension News : दुनिया का ध्यान भले अभी ईरान और अमेरिका के तनाव पर हो, लेकिन पूर्वी एशिया में एक बहुत बड़ी और खतरनाक हलचल शुरू हो चुकी है। जापान और चीन के बीच ठन गई है और आसमान में दोनों देशों के फाइटर जेट्स के बीच लुका-छिपी का खेल अब सीधे टकराव की ओर बढ़ रहा है।
जापानी रक्षा मंत्रालय के आंकड़े डराने वाले हैं। दिसंबर में जापानी एयर डिफेंस को विदेशी विमानों को रोकने के लिए 79 बार अपने फाइटर जेट्स को अचानक उड़ाना पड़ा। यह नवंबर की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है। इसमें से 53 बार सामना चीनी विमानों से हुआ। 23 बार रूसी विमानों की वजह से जापान को अलर्ट होना पड़ा।
इस पूरे तनाव के बीच सबसे खतरनाक घटना 6 दिसंबर को हुई। ओकिनावा द्वीप के पास चीन के J-15B फाइटर जेट्स ने जापान के F-15 को अपने रडार पर किल लॉक (हथियार लॉक) कर दिया।
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क्या होता है किल लॉक?
इसका मतलब है कि हमलावर विमान ने दुश्मन को अपने निशाने पर ले लिया और बस एक बटन दबाते मिसाइल उसे तबाह कर देगी। जापानी पायलटों को इस बात का पता तब चला जब बहुत देर हो चुकी थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह असली लड़ाई होती तो जापानी पायलट को संभलने का मौका भी नहीं मिलता।
जापान की पुरानी तकनीक और चीन की बढ़त
दूरी का अंतर : जापान का F-15 रडार चीन के जेट को 100 किमी दूर से पकड़ पाता है, जबकि चीन का J-15B जापानी जेट को 170 किमी दूर से ही देख लेता है।
पुराने विमान : जापान के F-15J करीब 40 साल पुराने हो चुके हैं, जबकि चीन अपने सबसे आधुनिक फुजियान एयरक्राफ्ट कैरियर और नए जमाने के जेट्स के साथ समंदर में अभ्यास कर रहा है।
स्टेल्थ की कमी
जापान ने अमेरिका से F-35 विमान मांगे तो हैं, लेकिन उनकी संख्या चीन के मुकाबले बहुत कम है और उनका जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट आने में अभी सालों लगेंगे।
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विवाद की असली वजह क्या है?
इस पूरे गुस्से की जड़ में ताइवान है। जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने चेतावनी दी थी कि चीन ने ताइवान पर हमला किया तो जापान चुप नहीं बैठेगा और सेना भेजेगा। चीन इसी बात से भड़का है। अपनी ताकत दिखाकर जापान को डराने की कोशिश कर रहा।
आगे क्या होगा?
चीन न सिर्फ फाइटर जेट्स, बल्कि भारी-भरकम बमवर्षक (H-6) और खुफिया विमानों को भी जापान की सीमा के पास भेज रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शक्ति प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहा तो आसमान में छोटी-सी गलती बड़े युद्ध की चिंगारी बन सकती है।
