ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, बंगाल चुनाव में हार के बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय को बनाया नेता विपक्ष
Shobhandeb Chattopadhyay: तृणमूल कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता विपक्ष चुना है। ममता बनर्जी के इस फैसले को पार्टी की नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
शोभनदेव चट्टोपाध्याय (Image- Social Media)
Shobhandeb Chattopadhyay: ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेपा विपक्ष के तौर पर शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नियुक्त किया है। शोभनदेव चट्टोपाध्याय लंबे वक्त से ममता दीदी के करीबी माने जाते हैं और बंगाल की पिछली सरकार में शोभनदेव चट्टोपाध्याय बिजली मंत्री भी रहे थे। बात करें शोभनदेव के राजनीतिक करियर की तो वह पहले यूनियन लीडर भी रह चुके हैं। शोभनदेव पहली बार TMC की टिकट पर 1998 में रासबिहारी सीट से चुनाव जीत कर विधायक बने थे।
बता दें कि इससे पहले शनिवार को सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने अपने पहले राजनीतिक संदेश में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर खास जोर दिया है।
इन मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों का चुनाव सिर्फ राजनीतिक अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि बंगाल के अलग-अलग प्रभावशाली सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति के तहत किया गया नजर आ रहा है। जानकारों की मानें तो यह टीम भारतीय जनता पार्टी की सबका साथ, सबका विश्वास की नीति को बंगाल के सामाजिक समीकरणों के साथ जोड़ने का प्रयास है।
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OBC समुदाय को साधने की कोशिश
बता दें कि नई कैबिनेट में दिलीप घोष (Dilip Ghosh) को शामिल कर भाजपा ने ओबीसी समुदाय को मजबूत संदेश दिया है। दिलीप घोष लंबे वक्त से बंगाल बीजेपी का बड़ा चेहरा रहे हैं और ग्रामीण वोटरों में मजबूत पकड़ है। साथ ही हिंदुत्व समर्थक वोटरों के बीच भी उनकी पहचान है। ओबीसी समुदाय बंगाल की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है और भाजपा पिछले कुछ सालों से इस वर्ग में लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
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पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार के साथ 5 अन्य मंत्रियों को राज्यपाल आरएन रवि ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनीय, क्षुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली।
