प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
West Bengal Updated Voter List: जब पूरा देश सोने की तैयारी कर रहा था, ठीक उसी वक्त पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बड़ी हलचल हुई। सोमवार रात करीब 11:55 बजे भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की पहली पूरक मतदाता सूची सार्वजनिक कर दी।
यह लिस्ट उन लाखों लोगों के लोकतांत्रिक भविष्य का फैसला है, जिनके नाम पिछले कई हफ्तों से ‘असमंजस’ की स्थिति में थे। 2026 के विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े बंगाल के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि एक-एक वोट सत्ता के समीकरण बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखता है।
निर्वाचन आयोग ने यह साफ कर दिया है कि वह आगामी चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना चाहता है। इसी कड़ी में, फरवरी 2026 में जारी हुई अंतिम सूची के दौरान जिन नामों को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया था, उनमें से 29 लाख से अधिक मामलों पर फैसला ले लिया गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इनमें से कितने नाम सूची में जोड़े गए हैं और कितने हटाए गए हैं। यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
इस पूरी प्रक्रिया की गहराई को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। दरअसल, फरवरी में प्रकाशित लिस्ट में करीब 60 लाख नाम ऐसे थे जिन्हें संदिग्ध या जांच के घेरे में माना गया था। इन नामों की वास्तविकता परखने के लिए चुनाव आयोग ने कोई कसर नहीं छोड़ी और बड़े स्तर पर न्यायिक अधिकारियों की एक बड़ी फौज मैदान में उतार दी। इन अधिकारियों का काम यह सुनिश्चित करना था कि केवल योग्य मतदाता ही लिस्ट का हिस्सा रहें। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी करीब 58 लाख नामों को हटाया गया था, जिनमें मृतक, डुप्लिकेट और स्थानांतरित मतदाता शामिल थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने पुष्टि की है कि यह पहली पूरक सूची इसी गहन जांच प्रक्रिया का परिणाम है।
जैसे ही रात को यह सूची पोर्टल पर अपलोड हुई, लाखों लोगों ने एक साथ वेबसाइट का रुख किया, जिससे सर्वर पर दबाव बढ़ गया। कई मतदाताओं ने शिकायत की है कि लिंक जारी होने के बावजूद वे अपने बूथ की लिस्ट डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं। अगर आप भी अपना नाम चेक करना चाहते हैं, तो चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ceowestbengal.nic.in पर जाकर अपने EPIC नंबर के जरिए सर्च कर सकते हैं। यदि आपको लगता है कि आपका नाम गलती से कट गया है, तो आप तुरंत अपने ब्लॉक लेवल ऑफिसर से संपर्क कर अपना दावा पेश कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें: लोकसभा में अब होंगी 816 सीटें! 2029 से 273 सीटों पर सिर्फ महिला सांसद, बड़ा संशोधन बिल लाने जा रही है सरकार
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान पहले ही कर दिया है, जिसके अनुसार 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। नतीजों के लिए 4 मई का दिन तय किया गया है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, राज्य में प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ा दिया गया है। इस लिस्ट के आने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजरें भी उन नए जुड़े नामों पर टिक गई हैं, जो इस बार ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं।