सुप्रीम कोर्ट में हारी ममता सरकार! ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर लगी रोक, सियासी लड़ाई में नया मोड़
Mamata Banerjee: ईडी ने कोर्ट में कहा कि 8 जनवरी को रेड के दौरान सीएम ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल DGP भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे।
- Written By: मनोज आर्या
ममता बनर्जी, (मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल)
Mamata Banerjee vs ED: 15 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने ED के खिलाफ FIR पर रोक लगा दी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने I-PAC ऑफिस में रेड करने पर ED के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बंगाल सरकार से कहा कि एजेंसी के काम में दखल नहीं दे सकते। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने CCTV फुटेज समेत सभी सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पुलिस को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी। कोर्ट ने ममता सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर है।
सीएम ममता पर गंभीर आरोप
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 8 जनवरी 2026 को रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रोनिक उपकरण और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल DGP भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने ED अफसरों के मोबाइल छीन लिए। ममता बनर्जी मीडिया के सामने भी गईं। इस तरह ED का मनोबल गिरता है और उनके काम में बाधा आती है।
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सुप्रीम कोर्ट से ईडी की मांग
बता दें कि सुनवाई से पहले ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल की थी, जिसमें पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार को निलंबित करने और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी। एजेंसी का आरोप है कि इन अधिकारियों ने जांच के दौरान गलत व्यवहार किया और सहयोग नहीं किया। ED ने सुप्रीम कोर्ट से कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश देने की भी मांग की है, ताकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जा सके।
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क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 8 जनवरी को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोलकाता स्थित I-PAC ऑफिस और साउथ कोलकाता की लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर सर्च की थी। ED का आरोप है कि सर्च के दौरान सीएम ममता मौके पर पहुंचीं और महत्वपूर्ण फाइलें व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गईं। इसके साथ ही जांच एजेंसी के अधिकारियों को धमकाया गया, सर्च में बाधा डाली गई और सबूत नष्ट किए गए। ED ने अपनी याचिका में जबरन हटाए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टोरेज मीडिया और दस्तावेजों को तत्काल जब्त कर सील करने की मांग की है।
