सुप्रीम कोर्ट ने SIR के मुद्दे पर ममता सरकार को जमकर फटकारा, कहा- न्यायिक अधिकारियों पर सवाल बर्दाश्त नहीं
SIR In Bengal: पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने ममता सरकार को जमकर फटकार लगाई।
- Written By: सजल रघुवंशी
सर्वोच्च न्यायालय ( सोर्स- सोशल मीडिया)
Supreme Court on Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि न्यायिक अधिकारियों पर सवाल उठाने की हिम्मत कोई न करे। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट को बताया कि अब तक करीब 7 लाख दावों का निपटारा न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले करीब 63 लाख दावे विचाराधीन थे, जिनमें से अब लगभग 57 लाख मामले बाकी हैं। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि हमें पता था कि जैसे ही न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा तो आप लोग पीछे हट जाएंगे। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने हमें बताया कि 10 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है।
सीजेआई ने लगाई फटकार
इस मुद्दे पर जीफ जस्टीस ऑफ इंडिया ने कहा कि आज सुबह ही हमें यह जानकारी दी गई है। सीजेआई ने आगे कहा कि आपने आवेदन तय समय से पहले ही दाखिल किया है, इससे ऐसा लगता है कि आपको न्यायिक अधिकारियों पर भरोसा नहीं हैं। साथ ही सीजेआई ने यह भी पूछा कि ऐसे आवेदन दाखिल करने की हिम्मत कैसे हुई? इसके अलावा कोर्ट ने फटकारते हुए कहा कि कोई भी न्यायिक अधिकारियों पर सवाल उठाने की हिम्मत नहीं करे, मैं इसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं करूंगा।
सम्बंधित ख़बरें
दिग्विजय सिंह ने किया स्वागत, बोले– इंदौर महापौर पुष्यमित्र के पत्र से मिलेगा न्यायालय में पक्ष रखने का अवसर
सुप्रीम कोर्ट से शिक्षकों को बड़ी राहत, आरटीई से पहले नियुक्त टीचरों को टीईटी पास करने के लिए 2028 तक का समय
क्या सिर्फ बात न मानने पर जा सकती है नौकरी? सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी की अर्जी पर सुनाया बड़ा फैसला
मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज, विश्वास सारंग बोले- सुप्रीम कोर्ट ने दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया
चुनाव आयोग को दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि एसआईआर प्रक्रिया में कोई नया अनिवार्य कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी के बिना लागू न किया जाए। अदालत ने पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें तुरंत दूर करने और न्यायिक अधिकारियों के लिए नए लॉग-इन आईडी जारी करने को कहा जिससे मतदाता सूची संशोधन का काम बिना बाधा जारी रह सके। साथ ही स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियों के फैसलों की समीक्षा प्रशासनिक अधिकारी नहीं कर सकते।
यह भी पढ़ें: ममता का मास्टरस्ट्रोक: चुनाव से पहले कानून मंत्रालय अपने पास लिया, आखिर क्या है ‘दीदी’ का मेगा प्लान?
ममता ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
अपनी याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया और कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया जिस तरह से संचालित की जा रही है, उससे समाज के हाशिए पर रहने वाले लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हट जाएंगे।
