RG कर मेडिकल कॉलेज केस: ममता सरकार सियालदह कोर्ट के खिलाफ पहुंची हाई कोर्ट, कहा- फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में सियालदह कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है...
- Written By: आकाश मसने
कलकत्ता उच्च न्यायालय व ममता बनर्जी (सोर्स: सोशल मीडिया)
कोलकाता: कोलकाता के सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में सियालदह अदालत ने सोमवार काे दोषी संजय रॉय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया था। इस फैसले का विरोध में याचिका दायर करने की अनुमति मांगने के लिए राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।
महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने मामले में एकमात्र दोषी रॉय को मृत्युदंड देने के अनुरोध को लेकर न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष अपील दायर की। राज्य सरकार ने सियालदह में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास द्वारा सोमवार को पारित आदेश को चुनौती देने के लिए अपील दायर करने की उच्च न्यायालय से अनुमति मांगी थी।
राज्य सरकार को अपील दायर करने की अनुमति मिली
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में सियालदह अदालत द्वारा संजय रॉय को आजीवन कारावास (मृत्यु तक कारावास) की सजा के आदेश के खिलाफ मंगलवार को राज्य सरकार को अपील दायर करने की अनुमति दे दी है।
सम्बंधित ख़बरें
पश्चिम बंगाल में आर-पार, एक ही झटके में खाली हो गई ममता की सेना; 91 पार्षदों ने एक साथ दिया इस्तीफा!
चुनाव हारते ही ममता बनर्जी को लगा बड़ा झटका! सांसद काकोली घोष ने दिया इस्तीफा, किस पर धमकी देने का लगाया आरोप?
पहले चुनाव में मात, अब छिन जाएगा TMC का दफ्तर? संकट में घिरी ममता बनर्जी की पार्टी, जानिए क्या है पूरा मामला
कूचबिहार से मालदा तक…बंगाल के 8 जिलों के TMC विधायकों के पास पहुंचा CM सुवेंदु का बुलावा, सियासी हलचल तेज
बता दें कि सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को राज्य द्वारा संचालित आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या का दोषी पाए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सियालदह कोर्ट ने मृत्युदंड की मांग को खारिज किया
सियालदह अदालत ने मृत्युदंड की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह ‘दुर्लभतम’ अपराध नहीं है। अदालत ने रॉय को 50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया। साथ ही राज्य सरकार को मृतक डॉक्टर के परिवार को 17 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
सियालदह कोर्ट के फैसले पर सोमवार को असंतोष व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर इस मामले को कोलकाता पुलिस ने संभाला होता तो दोषी के लिए मृत्युदंड सुनिश्चित हो जाता।
पश्चिम बंगाल की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
ममता बनर्जी ने किया फैसले का विरोध
सीएम ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि “हम सभी ने मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा दी है… मामला हमसे जबरन छीन लिया गया। अगर यह कोलकाता पुलिस के पास होता, तो हम सुनिश्चित करते कि उसे मौत की सजा मिले।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने हैंडल पर आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार सियालदह अदालत के फैसले को चुनौती देगी और कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
