भांगर बम विस्फोट मामले में पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला गिरफ्तार, कोर्ट ने 14 दिन की NIA हिरासत में भेजा

Bhangar Bomb Blast Case : पश्चिम बंगाल के भांगर बम विस्फोट मामले में NIA ने पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया है।
TMC MLA Saukat Molla arrested in Bhangar bomb blast case
पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला फाइल फोटो (सोर्स-सोशल मीडिया)
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TMC MLA Saukat Molla Arrested:  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में विधानसभा चुनाव से पहले हुए बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ़्तार किया है। आपको बता दें कि पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला को "भगोड़ा" घोषित किए जाने के कुछ घंटो के बाद यह गिरफ्तारी की गई। शनिवार को कोलकाता की विशेष एनआईए अदालत ने 14 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया। उन्हें अब 19 जून को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

शुक्रवार रात गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शौकत मोल्ला के कब्जे से एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव बरामद की थी। अदालत ने इन दोनों इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराने की एनआईए की याचिका भी मंजूर कर ली।

तीन आरोपी पहले से पुलिस की गिरफ्त में

इस मामले में एनआईए पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से दो आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी एनआईए की हिरासत में है। अदालत ने इन आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की अनुमति भी दे दी है।

सबूतों से छेड़छाड़ करने का डर

एनआईए अदालत में पेशी के दौरान शौकत मोल्ला के वकील ने उनकी जमानत की मांग की। हालांकि, एनआईए की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। एजेंसी ने दलील दी कि क्षेत्र में पूर्व विधायक होने के कारण शौकत मोल्ला काफी प्रभावशाली व्यक्ति हैं। यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं तथा गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।

आरोपियों के संपर्क मे थे शौकत मोल्ला

बचाव पक्ष ने दावा करते हुए कहा कि शौकत मोल्ला को पिछली राज्य सरकार की तरफ से Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। इसलिए उनका इस बम विस्फोट में शामिल होना संभव नहीं है। तो इसके जवाब में एनआईए ने अदालत के सामने अपनी बात को रखते हुए बताया कि विस्फोट के बाद शौकत मोल्ला लगातार अन्य सभी आरोपियों के संपर्क में थे और उन्हें निर्देश दे रहे थे।

आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एनआईए की मांग स्वीकार करते हुए शौकत मोल्ला 14 दिन कि न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। एनआईए के अनुसार, शुक्रवार को शौकत मोल्ला दक्षिण 24 परगना जिले के तटीय सीमा क्षेत्र के रास्ते बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे थे।

सीमा से सटे चुनाखाली इलाके में स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हे देख लिया और पीछा किया, लेकिन वह वहां से भाग निकलने में सफल रहे।इसके बाद एनआईए ने इलाके में कड़ी निगरानी शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, जब शौकत मोल्ला कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एनआईए कार्यालय में आत्मसमर्पण करने के लिए जा रहे थे, तभी दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर क्षेत्र के एक अज्ञात स्थान से एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। -एजेंसी इनपुट के साथ

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